Sawan 2023: शिव महापुराण कथा का श्रवण करें किंतु इन बातों का ध्यान अवश्य रखें

Sawan 2023: पुण्य पवित्र श्रावण मास 4 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। भगवान शिव की भक्ति प्राप्त करने के लिए श्रावण से उत्तम कोई अन्य मास नहीं। इस पूरे मास में भक्त श्रद्धा भक्ति पूर्वक चित्त को एकाग्र कर शिव महापुराण कथा का श्रवण करते हैं तो उन्हें भगवान की शिव की कृपा से आनंददायक जीवन की प्राप्ति होती है।

Sawan 2023:

कथा श्रवण से उनके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। किंतु इस कथा को सुनने और कहने वाले के लिए स्वयं शिव महापुराण में कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक है अन्यथा कथा का फल प्राप्त नहीं होता है।

शिव पुराण के श्रवण की संपूर्ण विधि

शिव महापुराण के प्रथम खंड के माहात्म्य भाग के छठे अध्याय में शिव पुराण के श्रवण की संपूर्ण विधि दी गई है। शौनकजी और सूतजी के संवाद के रूप में कथा श्रवण में ध्यान रखने योग्य बातों का वर्णन मिलता है। इसके अनुसार सबसे पहले किसी विद्वान ज्योतिषी को बुलाकर दान-मान से संतुष्ट कर शिव महापुराण कथा का शुभ मुहूर्त निकलवा लें। इसके बाद दूर-दूर अपने परिचितों, रिश्तेदारों, मित्रों को कथा श्रवण करने आने का संदेश भिजवाएं। सभी को प्रेमपूर्वक निमंत्रित करें। शिव मंदिर, तीर्थ में, वन प्रांत में अथवा घर में कथा के लिए उत्तम स्थान का निर्माण करें।

श्रोताओं का मुख पूर्व की ओर होना चाहिए

कथा भूमि को लीपकर शोधन करना चाहिए तथा उसे सुंदर सुशोभित करना चाहिए। केले के खंभों से सुशोभित एक ऊंचा मंडप तैयार कराएं। उसे अलंकृत करें। चारों ओर ध्वजा पताका लगाकर सुंदर बना दें। परमात्मा शिव के लिए दिव्य आसन बनाएं तथा कथावाचक के लिए भी दिव्य आसन बनाना चाहिए। कथा सुनने वालों के बैठने के लिए भी उत्तम सुविधाजनक व्यवस्था करनी चाहिए। कथा श्रवण के दौरान सभी लौकिक चिंताओं को भूल जाना चाहिए। वक्ता का मुख उत्तर दिशा की ओर हो तथा श्रोताओं का मुख पूर्व की ओर होना चाहिए। कथा में आने वाले विघ्नों की शांति के लिए सर्वप्रथम गणेशजी का पूजन करना चाहिए।

ये नियम भी ध्यान रखना आवश्यक

  • पौराणिक वक्ता जब तक व्यास आसन पर विराजमान रहे तब प्रसंग समाप्ति के पूर्व किसी को नमस्कार नहीं करना चाहिए।
  • पुराण का विद्वान वक्ता चाहे बालक, युवा, वृद्ध, दरिद्र अथवा दुर्बल कैसा भी हो सदैव वंदनीय पूजनीय होता है।
  • वक्ता के मुख से निकली वाणी देहधारियों के लिए कामधेनु के समान होती है इसलिए उसके प्रति तुच्छबुद्धि नहीं रखनी चाहिए।
  • जो मनुष्य भक्ति रहित होकर इस कथा को सुनते हैं उन्हें इसका पुण्य फल नहीं मिलता है।
  • पुराण की पूजा किए बिना जो मूढ़जन कथा को सुनते हैं वे अपवित्र और दरिद्र होते हैं।
  • कथा कहे जाते समय जो बीच में उठकर जाते हैं उनकी संपत्तियां नष्ट हो जाती हैं।
  • जो पुरुष सिर पर पगड़ी आदि धारण करके इस कथा को सुनते हैं उनके घर पानी और कुलकलंकी पुत्र उत्पन्न होते हैं।
  • जो पुरुष पान चबाते हुए इस कथा को सुनते हैं उन्हें नरक में यमदूष उनकी ही विष्ठा खिलाते हैं।
  • जो लोग ऊंचे आसन पर बैठकर कथा का श्रवण करते हैं वे काकयोनि में जन्म लेते हैं।
  • रोग युक्त न होने पर भी जो लोग लेटकर कथा सुनते हैं वे अजगर की योनि में जन्म लेते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+