Sawan 2019: भोले बाबा को बिल्वपत्र इतना क्यों प्रिय है?
नई दिल्ली। भोले बाबा का सबसे प्रिय और किसानों की खुशहाली का महीना सावन चल रहा है। इस महीनें में शिव भक्त बाबा को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के जप-तप करते है। कहते है कि शिव जी को भांग, धतूरा, बिल्वपत्र आदि बहुत प्रिय है।
चलिए जानते है भोले बाबा को बिल्वपत्र इतना क्यों प्रिय है..

आयुर्वेद में बेल की बड़ी महिमा बताई गई है
हम सभी ने गर्मियों में बेल का शरबत सेवन किया होगा। बेल वात, पित्त व कफ को नियन्त्रित करता है तथा पाचन संस्थान को बलवान बनाता है। आयुर्वेद में बेल की बड़ी महिमा बताई गई है। यह एक जगंली पेड़ जो आम-तौर पर लोग अपने घर में इसे नहीं लगाते है। बेल की पत्तियों को जितना तोड़ा जायेगा इस पेड़ का उतना ही विकास होगा। यह प्रकृति की अनमोल कृति बची रही है, इसलिए इसकी पत्तियों को भगवान शंकर पर चढ़ाया जाता है।

बिल्वपत्र कैसे चढ़ायें ?
- बिल्वपत्र भोले नाथ पर सदैव उल्टा रखकर अर्पित करें।
- बिल्वपत्र में चक्र एंव वज्र नहीं होने चाहिए। कीड़ो द्वारा बनायें हुये सफेद चिन्हों को चक्र कहते है और डंठल के मोटे भाग को वज्र कहते है।
- बिल्वपत्र कटे या फटे न हो। ये तीन से लेकर 11 दलों तक प्राप्त होते है। रूद्र के 11 अवतार है, इसलिए 11 दलों वाले बिल्वपत्र चढ़ायें जाये ंतो महादेव ज्यादा प्रसन्न होंगे।
- बिल्वपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों तक पाप नष्ट हो जाते है।
- शिव के साथ पार्वती जी पूजा अवश्य करें तभी पूर्ण फल मिलेगा।
- पूजन करते वक्त रूद्राक्ष की माला अवश्य धारण करें।
- भस्म से तीन तिरछी लकीरों वाला तिलक लगायें।
- शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ प्रसाद ग्रहण नहीं करना चाहिए।
- शिवलिंग की आधी परिक्रमा ही करें।
- शिव जी पर केंवड़ा व चम्पा के फूल कदापि न चढ़ायें।
- ऊॅ अघोराय नामः।
- ऊॅ शर्वया नमः।
- ऊॅ महेश्वराय नमः।
- ऊॅ ईशानाय नमः।
- ऊॅ शूलपाणे नमः।
- ऊॅ भैरवाय नमः।
- ऊॅ कपर्दिने नमः।
- ऊॅ त्रयम्बकाय नमः।
- ऊॅ विश्वरूपिणे नमः।
- ऊॅ विरूपक्षाय नमः।
- ऊॅ पशुपते नमः।













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