• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

Navratri 2022: क्यों आवश्यक है कुलदेवी पूजन? दोनों नवरात्रियों में क्यों होती है कुलदेवी की पूजा?

By Gajendra Sharma
|
Google Oneindia News

नई दिल्ली, 23 सितंबर। प्रत्येक परिवार में वंश परंपरा के अनुसार कुलदेवी का पूजन किया जाता है। पीढ़ियों से हिंदू परिवारों में यह परंपरा चली आ रही है किंतु आजकल अनेक परिवारों में कुलदेवी पूजन कम होता जा रहा है। कई युवा तो अब इसे नकारने भी लगे हैं किंतु शायद वे यह बात नहीं जानते किकुलदेवी का पूजन कितना अनिवार्य है।

 Navratri 2022: क्यों आवश्यक है कुलदेवी पूजन? दोनों नवरात्रियों में क्यों होता है कुलदेवी का पूजन?

वर्ष में दो नवरात्रि आती है शारदीय नवरात्रि और वासंतिक नवरात्रि। वासंतिक नवरात्रि चैत्र मास में आती है और शारदीय नवरात्रि आश्विन मास में। इन दोनों ही नवरात्रियों में कुल परंपरा के अनुसार अष्टमी और नवमी के दिन कुलदेवी का पूजन किया जाता है। कई परिवारों में अष्टमी के दिन कुलदेवी पूजन होता है तो कई परिवारों में नवमी के दिन। अधिकांश लोगों के घरों में यह पूजन होता है तो कई लोग अपनी कुलदेवी के मंदिर में जाकर भी पूजन करते हैं।

क्यों आवश्यक है कुलदेवी पूजन

वंश परंपरा को आगे बढ़ाने, परिवार की सुख-समृद्धि और वृद्धि के लिए वर्ष में दो बार कुलदेवी का पूजन किया जाना चाहिए। कुलदेवी के पूजन का अर्थ है हम अपने परिवार की, पीढ़ियों की, अपने पूर्वजों की कुल परंपरा में विद्यमान हैं और उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

कुलदेवी पूजन न करने का प्रभाव

जिन घरों में कुलदेवी का पूजन नहीं होता है उस परिवार का वंश आगे नहीं बढ़ता, उस परिवार पर कोई न कोई संकट बना रहता है। परिवार में कोई स्वस्थ नहीं रहता। उस परिवार के किसी न किसी सदस्य कोई न कोई रोग हमेशा घेरे रहता है। कुलदेवी का पूजन न करने से पितृ दोष भी प्रभावी हो जाता है।

कुलदेवी का पूजन करने के लाभ

जिन परिवारों में वर्ष की दोनों नवरात्रियों में कुलदेवी का पूजन होता है वहां सुख-समृद्धि व्याप्त रहती है। उनका वंश आगे बढ़ता है। समस्त प्रकार के ग्रहजनित दोष कुलदेवी पूजन से दूर हो जाते हैं।

समयाभाव में क्या करें

वैसे तो कुलदेवी का पूजन करना अनिवार्य है और प्रत्येक परिवार को यह करना ही चाहिए किंतु किसी विशेष परिस्थिति में, रोगावस्था में या किसी विकट परिस्थिति में कुलदेवी पूजन करना संभव न हो पाए तो सच्चे मन से अष्टमी या नवमी जिस भी दिन आपके परिवार में कुलदेवी का पूजन होता है उस दिन अपनी कुलदेवी का ध्यान करें और उनके निमित्त मंदिर में पूजन सामग्री भेंट करें। या किसी कन्या को वस्त्र आदि भेंट करें।

Shardiya Navratri 2022 : घटस्थापना के साथ 26 सितंबर से प्रारंभ होगी शारदीय नवरात्रि, जानिए मुहूर्तShardiya Navratri 2022 : घटस्थापना के साथ 26 सितंबर से प्रारंभ होगी शारदीय नवरात्रि, जानिए मुहूर्त

Comments
English summary
Kuldevi Puja is very Important for every family. here is its Importance, read what is the connaction between Kuldevi puja and Navratri.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X