Nautapa: सूर्य का रोहिणी में प्रवेश, इस बार आंधी-बारिश से सराबोर रहेगा नौतपा
Nautapa: सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ नौतपा प्रारंभ होता है। रोहिणी नक्षत्र चंद्र का प्रिय नक्षत्र होता है और जब इसमें सूर्य का प्रवेश होता है तो इस समय ग्रीष्म ऋतु की सर्वाधिक गर्मी पड़ती है। सूर्य प्रत्येक नक्षत्र में 15 दिन रहता है, रोहिणी में भी 15 दिन रहता है लेकिन इसके प्रथम नौ दिन सर्वाधिक गर्म होते हैं इसलिए इसे नौतपा कहा जाता है।
नौतपा के नौ दिन मौसम का मिजाज अलग-अलग होता है किंतु इस बार नौतपा में अधिकांश दिन आंधी और बारिश का दौर रहेगा। इस बार सूर्य रोहिणी नक्षत्र में आज में प्रात: 9:31 बजे प्रवेश करेगा और 8 जून को प्रात: 7:18 बजे तक इसी नक्षत्र में रहेगा। किंतु नौतपा 25 जून से 2 जून तक रहेगा।

ऐसा रहेगा नौतपा का मौसम (Nautapa)
- 25 मई : तेज गर्मी, बादल, उमस
- 26 मई : आंधी, तेज हवा, बादल, रिमझिम बरसात
- 27 मई : बरसात, गरज-चमक, कहीं कहीं ओलावृष्टि
- 28 मई : गर्मी, उमस, बादल छाए रहेंगे।
- 29 मई : पश्चिमी भूभाग में धूलभरी आंधी, बरसात
- 30 मई : उत्तरी भाग में अतिवृष्टि, ओले, बर्फबारी
- 31 मई : गर्मी, बादल, उमस, आंधी
- 1 जून : तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बरसात
- 2 जून : गर्मी, उमस, कहीं-कहीं हल्की वर्षा
नौतपा में की जाती है जल देवों की पूजा (Nautapa)
नौतपा में जल से जुड़े देवी-देवताओं और भगवानों आदि की पूजा की जाती है। नौतपा में शिवजी पर पूरे नौ दिन निरंतर गिरने वाली जलधारा लगाई जाती है। उन्हें शीतलता प्रदान की जाती है। इन दिनों में गंगा, नर्मदा आदि नदियों का पूजन करने की परंपरा है। जल के देवता वरुण की पूजा भी इस समय की जाती है।
दान का महत्व (Nautapa)
नौतपा में जल से जुड़ी वस्तुएं दान दी जाती है। इस समय में प्याऊ लगवाने से बड़ा पुण्य मिलता है। जल कुंभ का दान करना चाहिए। मौसमी फल जैसे खरबूजा, तरबूज, नारियल पानी आदि का दान देना चाहिए। गरीबों को अन्न जल का दान दें। छाता, चप्पल-जूते का दान देने से आपका पुण्य भी बढ़ता जाता है।












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