14 को नहीं 15 जनवरी को है मकर संक्रान्ति, क्यों?
बैंगलोर। श्रद्धा और पुण्य की मानक मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी के बजाय 15 जनवरी को मनायी जायेगी क्योंकि खरमास की वजह से ऐसा होगा, इसलिए लोगों को खिचड़ी का दान व भोग 15 जनवरी को देना होगा।
मकर संक्रांति 2016: क्या होगा आपकी लाइफ पर असर
इस दिन सूर्य का मकर में प्रवेश होता है जिसके कारण इस दिन से ही सारे शुभ काम फिर से शुरू हो जायेंगे। 14 जनवरी की शाम से सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में यानी दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करेगा, तभी से संक्रांति लग जाएगी उन्होंने बताया कि रात में दान-पुण्य नहीं किया जाता, इसलिए संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी।
इस बारे में और बातें करेंगे नीचे की स्लाइडों के जरिये...

सहालगें भी शुरू हो जाएंगी
15 जनवरी के बाद से सूर्य के मकर में प्रवेश कर जाने से सहालगें भी शुरू हो जाएंगी।

शुभ काम चालू
खिचड़ी के बाद से लोग बच्चों के मुंडन, छेदन संस्कार आदि करा सकते हैं।

मकर राशि में प्रवेश
सूर्य चूंकि मकर में प्रवेश करता है और शनि देव चूंकि मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

दान-पुण्य
मकर संक्रांति पर दान-पुण्य देकर पुण्य कमाना चाहिए।

जानिए क्या है मकर संक्रान्ति का सही मतलब?
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