Kalbhairav Ashtami 2024: अगर नहीं ले पाते हैं सही फैसला तो जरूर अपनाएं ये उपाय, संवर जाएगा जीवन
Kalbhairav Ashtami 2024: मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन कालाष्टमी, कालभैरव अष्टमी या कालभैरव जयंती मनाई जाती है।
22 नवंबर 2024 शुक्रवार को आ रही कालाष्टमी के दिन प्रत्येक मनुष्य को ग्रहों की पीड़ा के अनुसार उनकी शांति के उपाय करने चाहिए।कालभैरव की पूजा समस्त ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति दिलाती है। आइए जानते हैं ग्रहों के अनुसार क्या उपाय करने चाहिए।

यदि आपकी कुंडली में सूर्य खराब है तो कालभैरव अष्टमी के दिन लाल चंदन का टुकड़ा बहते पानी में प्रवाहित करें और कालभैरव को लाल फलों का नैवेद्य लगाएं।
- इससे सूर्य मजबूत होगा और उससे जुड़े संकट भी दूर हो जाएंगे।यदि आपकी कुंडली में चंद्र कमजोर है और उससे जुड़ी पीड़ा परेशान कर रही है तो कालभैरव अष्टमी के दिन सवा मीटर काले-सफेद कपड़े में सवा किलो सफेद तिल बांधकर पोटली बनाएं और कालभैरव के सामने रखकर ग्रह पीड़ा दूर करने की प्रार्थना करें। इसके बाद यह पोटली ले जाकर जल में प्रवाहित कर दें।
- मंगल की कमजोरी के कारण मनुष्य कर्ज से घिर जाता है और उसे रोग परेशान करते हैं। मंगल की शांति के लिए मिट्टी के लाल कलश में खड़ी लाल मिर्च भरकर इसका मुंह लाल कपड़े से बांधकर कालभैरव को भेंट करें।
- बुध की पीड़ा के कारण मनुष्य कोई निर्णय सही नहीं ले पाता, व्यापार में हानि होती है और परिवार से टकराव होता रहता है। खराब बुध को ठीक करने के लिए कालभैरव अष्टमी के दिन के दिन हरे कपड़े में खड़े मूंग बांधकर जल में प्रवाहित करें।
- यदि कुंडली में बृहस्पति से पीड़ा मिल रही हो तो कालभैरव को पीले रसदार फलों का भोग चढ़ाएं। उन्हें मदिरा भी भेंट की जा सकती है। इससे आपका बृहस्पति ठीक होगा और उससे मिल रही पीड़ा दूर होगी।
- कुंडली शुक्र खराब हो तो व्यक्ति रिश्तों को लेकर परेशान रहता है। कालभैरव अष्टमी के दिन कालभैरव को सवा किलो मिश्री का भोग लगाएं और बाद में यह मिश्री 14 साल तक के बालकों को प्रसाद के रूप में बांट दें।
- शनि की पीड़ा दूर करने के लिए कालभैरव को सवा किलो काले चने का भोग लगाएं और बाद में यह काले चने किसी काले घोड़े को खिला दें। इससे शनि की पीड़ा दूर हो जाएगी।
- राहु की पीड़ा दूर करने के लिए कालभैरव को मदिर भेंट करें, उन्हें मदिरापान करवाएं। यह उपाय खराब से खराब राहु को भी आपके पक्ष में कर देगा।
- केतु की पीड़ा दूर करने के लिए कालभैरव अष्टमी के दिन काले कुत्तों को घी लगी रोटी, बिस्किट या टोस्ट जरूर खिलाएं। केतु की पीड़ा दूर होगी और आपके कष्ट कम होंगे।












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