जानिए बसंत पंचमी से जुड़ी कुछ खास बातें..
बैंगलुरू। ऋतुराज बसंत के आने से केवल इंसान ही नहीं बल्कि देवता भी प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए आईये जानते हैं इस खूबसूरत बसंत से जुड़ी खास बातों को...
जानिए पूजा करते वक्त क्यों ढ़कते हैं हम सिर?
- वसंत पंचमी या श्रीपंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है।
- इस दिन लोग पीले कपड़े पहनते हैं
- माघ महीने के पाँचवे दिन भगवान विष्णु और रूप के देवता कामदेव की पूजा होती है।
इस पर्व के बारे में और रोचक बातें जानने के लिए नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये...

मां सरस्वती की पूजा
वसंत पंचमी के दिन ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस होता है। जो शिक्षाविद भारत और भारतीयता से प्रेम करते हैं, वे इस दिन मां शारदे की पूजा कर उनसे और अधिक ज्ञानवान होने की प्रार्थना करते हैं।

मान्यता
माना जाता है कि गुजरात और मध्य प्रदेश में फैले दंडकारण्य इलाके में मां सीता को खोजते हुए भगवान राम आये थे और यहीं पर मां शबरी का आश्रम था। कहा जाता है कि वसंत पंचमी के दिन ही रामचंद्र जी यहां आये थे। इसलिए इस क्षेत्र के वनवासी आज भी एक शिला को पूजते हैं, जिसके बारे में उनकी श्रध्दा है कि श्रीराम आकर यहीं बैठे थे। वहां शबरी माता का मंदिर भी है।

इतिहास
वसंत पंचमी के ही दिन पृथ्वीराज चौहान जैसे वीर ने विदेशी हमलावर मोहम्मद गौरी का वध करके आत्मबलिदान दिया था, इसलिए भी यह दिन मानक है।

महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
वसंत पंचमी के ही दिन हिन्दी साहित्य की अमर विभूति महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' का जन्मदिन भी है इसलिए भी इसकी खास महत्ता है।

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