Hal Shashti 2025: चंद्रषष्ठी पर दूर करने कुंडली के सारे चंद्र दोष, जानिए कैसे?
Hal Shashti 2025: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि अत्यंत विशेष होती है। यह दिन चंद्रषष्ठी या चांद छठ के रूप में मनाई जाती है। इस दिन चंद्रमा विशेष स्थिति में होता है जिसे प्रसन्न करने के उपाय करके जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाई जा सकती है।
जन्मकुंडली में यदि चंद्र परेशानी दे रहा है, कमजोर है, नीच राशि का है, विष दोष बना रहा है या इससे जुड़े अन्य दोष बन रहे हैं तो चंद्रषष्ठी के दिन वो सारे दोष दूर किया जा सकते हैं। चंद्रषष्ठी 14 अगस्त 2025 गुरुवार को आ रही है। इस दिन अपनी कुंडली के चंद्र को मजबूत करने और उससे जुड़े दोष दूर करने के उपाय करने चाहिए।

क्या उपाय किए जाएं (Hal Shashti 202)
चंद्र वृश्चिक राशि में नीच का होता है। यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में चंद्र नीच राशि में बैठा हुआ है तो इसकी जिस घर पर दृष्टि होगी उसी से जुड़े परिणाम में विफलता मिलेगी। ऐसा व्यक्ति कभी सफल नहीं हो पाता। इसलिए नीच के चंद्र को ठीक करना अत्यंत आवश्यक होता है। इसके लिए चंद्रषष्ठी के दिन चंद्रोदय होने के बार एक मिट्टी के कलश में गाय का कच्चा दूध भरकर उसमें मिश्री डालकर इसे किसी सुनसान जगह पर रख आएं। वापस आते समय पीछे मुड़कर न देखें।
चंद्र और शनि के एक साथ होने पर होती है दिक्कत
किसी जन्म कुंडली में जब चंद्र और शनि एक साथ एक ही घर में बैठे हों तो विष दोष बनता है। यह दोष जिस कुंडली में होता है उसका पूरा जीवन विष के समान हो जाता है। ऐसे जातक के जीवन में न परिवार का सहयोग मिलता है और न किसी मित्र का। ऐसा जातक अकेला रह जाता है क्योंकि कोई भी इसके साथ रहना नहीं चाहता। कदम-कदम पर इसे परेशानियों और असफलता का सामना करना पड़ता है। विष दोष को दूर करने के लिए चंद्रषष्ठी के दिन एक महाउपाय करें। चंद्रषष्ठी की रात्रि में चंद्रोदय होने के बाद एक चांदी के सर्प पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें। यह जाप 108 बार होना चाहिए। इसके बाद इस सर्प को किसी शिव मंदिर में दान करके आएं।
राहु या केतु हो तो यह चंद्र ग्रहण दोष होता है
चंद्र के साथ जब राहु या केतु हो तो यह चंद्र ग्रहण दोष होता है। ऐसा दोष जिस जातक की कुंडली मे होता है वह मानसिक रूप से सदा परेशान ही रहता है। भ्रमित रहता है। कोई निर्णय ठीक से नहीं ले पाता हे। चंद्र ग्रहण दोष दूर करने के लिए चंद्रषष्ठी की रात्रि में चंद्रोदय के बाद खुले आकाश के नीचे सफेद आसन बिछाकर बैठें और स्फटिक या सफेद चंदन की माला से ऊं श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम: मंत्र की 11 माला जाप करें।
केमद्रुम योग व्यक्ति का पूरा जीवन बर्बाद कर देता है (Hal Shashti 2025)
जन्म कुंडली में चंद्र किसी घर में अकेला बैठा हो और उसके आगे-पीछे के घरों में कोई ग्रह नहीं होता है तो यह केमद्रुम योग बनता है। केमद्रुम योग व्यक्ति का पूरा जीवन बर्बाद कर देता है। ऐसे व्यक्ति धन के लिए परेशान होते रहते हैं। शारीरिक मानसिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। ऐसे में चंद्रषष्ठी के दिन चांदी की अंगूठी में मोती धारण करें।












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