Guru Asta: आज से बंद हुए सारे मांगलिक कार्य, 26 दिन भूलकर भी न करें ये काम वरना होगा नुकसान
Guru Asta: शुभ और मांगलिक कार्यों को करते समय गुरु तारे का विचार करना आवश्यक होता है। गुरु के अस्त होने की दशा में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। गुरु आज सायं 7 बजकर 30 मिनट पर पश्चिम दिशा में अस्त हो रहा है। गुरु 8 जुलाई को प्रात: 6 बजकर 48 मिनट पर पूर्व दिशा में उदय होगा। इस प्रकार गुरु 26 दिन के लिए अस्त रहेगा।
इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों को करने पर प्रतिबंध रहेगा। गुरु अस्त रहने की अवधि में सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाते हैं। यदि गुरु अस्त में ये कार्य किए जाएं तो वे सफल नहीं होते। गुरु के उदय होने के बाद ये सारे काम किए जा सकते हैं।

क्या है गुरु का अस्त होना
वर्तमान में गुरु मिथुन राशि में गोचर कर रहा है। सूर्य भी इसी राशि में चल रहा है। जब कोई भी ग्रह सूर्य के अत्यंत निकट आ जाता है तो वह सूर्य के तेज में अदृश्य हो जाता है, इसे ही अस्त होना कहा जाता है। ज्योतिषीय भाषा में कहा जाए तो जब गुरु सूर्य से 11 डिग्री के भीतर आ जाए तो वह अस्त हो जाता है।
गुरु अस्त का राशियों पर प्रभाव (Guru Asta)
गुरु अस्त होने के कारण सभी राशियों की शुभता में कुछ कमी आती है। मान-सम्मान में कमी, शुभ कार्यों में बाधा, वैवाहिक जीवन में वाद-विवाद और अपने से बड़े लोगों का सहयोग कम मिलने जैसी स्थितियां बनती हैं।
गुरु अस्त के दौरान क्या करें (Guru Asta)
गुरु अस्त होने के दौरान अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए बृहस्पति की शांति पूजा करना चाहिए। बृहस्पति के मंत्र ऊं बृं बृहस्पतये नम: का नित्य एक माला हल्दी की माला से जाप करें। चने की दाल, पीला वस्त्र, हल्दी, पीले फल आदि दान करें। गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करके उसमें हल्दी का पानी चढ़ाने से बृहस्पति की पीड़ा शांत होती है। अपने से बड़े लोग, बुजुर्गों, गुरुजनों का सम्मान करें। घर में गुरु यंत्र स्थापित करके पूजा करें। अधिक से अधिक पीले वस्त्र पहनें।
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