Ganesh Chaturthi 2022: भगवान गणेश के पूजन में करें 21 पत्तियों का प्रयोग, भरेंगे धन संपत्ति के भंडार
नई दिल्ली, 22 अगस्त। सनातन धर्म में प्रकृति को साक्षात ईश्वर कहा गया है। इसलिए देवताओं के पूजन में भी फूल-पत्तियों का प्रयोग किया जाता है। सभी देवी-देवताओं के पूजन में अलग-अलग प्रकार के फूलों और पेड़-पौधों की पत्तियों का प्रयोग किया जाता है। भगवान श्रीगणेश के पूजन में 21 प्रकार का पत्तियों का प्रयोग किया जाता है। यदि सभी पत्र उपलब्ध न हों तो इनमें से कोई 11 पत्र भी लिए जा सकते हैं, किंतु 21 पत्र हों तो सर्वसिद्धिदायक होता है।

ये हैं 21 पत्र
शमी, भृंगराज पत्र, बेल पत्र, दूर्वा, बेर पत्र, धतूरा पत्र, तुलसी पत्र, सेम पत्र, अपामार्ग पत्र, कण्टकारी पत्र, सिंदूर पत्र, तेजपत्ता, अगस्त्य पत्र, कनेर पत्र, केले का पत्र, आक पत्र, अर्जुन वृक्ष के पत्र, देवदार पत्र, मरुआ पत्र, कचनार पत्र, केतकी पत्र।
पत्री पूजा के लाभ
शास्त्रों में भगवान श्री गणेश की पत्री पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। विभिन्न पत्रों में अलग-अलग ग्रहों और देवताओं का वास होता है। इन 21 प्रकार की पत्तियों से श्रीगणेश का पूजन करने से समस्त ग्रहों की पीड़ा शांत होती है। सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। समस्त कार्यो में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। कुंवारी कन्याएं यदि श्रीगणेश की 21 पत्री पूजा करें तो उन्हें शीघ्र ही विवेकशील, बुद्धिमान, सुंदर और समृद्ध वर की प्राप्ति होती है।












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