Diwali 2018: ग्रह दोषों की शांति का सबसे बड़ा दिन कार्तिक अमावस्या

Recommended Video

    Kartik Amavasya के दिन करें ये उपाय, सभी ग्रह दोष होंगें शांत | Astro Remedies | Boldsky

    नई दिल्ली। कार्तिक अमावस्या को हम सब दीपावली और लक्ष्मी पूजा के लिए ही जानते हैं, लेकिन शायद यह बात कम ही लोग जानते हैं कि कार्तिक अमावस्या नवग्रहों की शांति के लिए पृथ्वी पर सबसे बड़ा दिन माना गया। महाभारत के शांति पर्व में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक अमावस्या के दिन का महत्व बताते हुए कहा है कि यह मेरा प्रिय दिन है। इस दिन आकाश में चंद्र की कलाओं का दर्शन नहीं होता है, लेकिन अन्य ग्रह इस दिन अपने पूर्ण प्रभाव में रहते हैं। यदि कोई मनुष्य मेरा सामीप्य पाना चाहता है तो वह इस दिन मेरी सोलह कलाओं के दर्शन करें, उसके समस्त ग्रह दोष शांत हो जाएंगे। श्रीकृष्ण ने साधारण मनुष्यों के लिए इस खास दिन के लिए कुछ बातें कही हैं। वे बातें अपने आप में अनेक गूढ़ अर्थ लिए हुए हैं। यदि उनका नियम से पालन किया जाए तो समस्त संकटों से बचा जा सकता है।

    Diwali 2017: ग्रह दोषों की शांति का सबसे बड़ा दिन कार्तिक अमावस्या

    ये हैं र्श्रीकृष्ण द्वारा कार्तिक अमावस्या के बारे में कही गई बातें:-

    • माहों में सर्वश्रेष्ठ माह कार्तिक माह और दिनों में सर्वोत्तम दिन कार्तिक अमावस्या है।
    • कार्तिक अमावस्या के दिन ग्रह अपने पूर्ण प्रभाव में रहते हैं, इसलिए इनके निमित्त दान किए जाएं तो वे प्रसन्न होकर मनुष्यों के संकट दूर करते हैं।
    • नवग्रहों की शांति के लिए कार्तिक अमावस्या के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर अपने पूजा स्थान में बैठकर नवग्रह स्तोत्र का 21 बार पाठ करें। यह प्रयोग यदि किसी नदी या तालाब के किनारे किया जाए तो अधिक फलदायी होता है।
    • कार्तिक अमावस्या के दिन नवग्रह का पेंडेंट या अंगूठी पहनें। इससे कोई भी दूषित ग्रह हो वह शुभ परिणाम देने लगता है।
    • इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें। कुंडली में कितना भी खराब योग हो वह दूर होता है।
    • कार्तिक अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। कर्ज मुक्ति होती है। शीघ्र विवाह के लिए भी यह प्रयोग किया जा सकता है।
    • संकट लगातार जीवन में बने हुए हैं और बीमारियों पर खर्च अधिक हो रहा हो तो कार्तिक अमावस्या के लिए शिवलिंग का शहद से अभिषेक करें।
    • कुंडली में पितृ दोष या कालसर्प दोष है या राहु या केतु से संबंधित परेशानी आ रही है तो कार्तिक अमावस्या की शाम को हनुमान मंदिर में आटे के 11 दीपक बनाकर जलाएं।
    • किसी सुनसान देवालय या किसी गरीब के घर पर जाकर दीपक जलाने से शनि ग्रह से संबंधित पीड़ा दूर होती है।
    • कार्तिक अमावस्या की रात को सुंदरकांड के पाठ करने से समस्त ग्रह बाधाएं समाप्त होती हैं।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+