Dhanteras 2024: धनतेरस पर भौम प्रदोष और अष्टलक्ष्मी योग, करें ये उपाय जमकर होगी धनवर्षा
Dhanteras 2024: सुख-समृद्धि और धन की वर्षा करने वाले शुभ योग इस बार धनतेरस पर 29 अक्टूबर 2024 को बन रहे हैं। धनतेरस पर भौम प्रदोष तो आ ही रहा है इसके साथ ही अष्टलक्ष्मी योग भी बन रहा है।
अष्टलक्ष्मी योग मंगलवार, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, ऐंद्र योग, कन्या के चंद्र और तुला के सूर्य के कारण बना है। इस योग में धन की पूजा करना आपके घर में धन की वर्षा करवाने वाला योग बना रहा है।

आइए इस धनतेरस पर जानें वे विशेष उपाय जो आपके जीवन से सारे अभाव दूर कर देंगे...
धनतेरस पर प्रदोषकाल और स्थिर लग्न का बड़ा महत्व होता है। इस दिन प्रदोष काल सायं 5.49 से रात्रि 8.23 बजे तक,
अवधि 2 घंटे 34 मिनट का रहेगा और वृषभ लग्न म हूर्त सायं 6:47 से रात्रि 8:45 बजे तक अवधि 1 घंटा 58 मिनट का रहेगा। इस शुभकाल में पूजन करना अत्यंत श्रेष्ठ और फलदायी रहने वाला है।
पहला उपाय
धनतेरस के दिन सूर्योदय के समय स्नानादि से निवृत्त होकर अपने घर के मुख्य द्वार की चौखट के दाहिनी ओर लीपकर, पोछा लगाकर आटे से एक स्वस्तिक बनाएं। इस पर चावल की एक चौड़ी ढेरी लगाएं। इस पर मिट्टी का दीया रखें। दीये में चार बत्ती लगाएं और तिल का तेल भरकर ्रज्वलित करें। दीपक में एक लाल कौड़ी और दो इलायची डालें। इसके बाद सायंकाल में इस दीपक को फिर से प्रज्वलित करें और जब दीपक पूरा हो जाए तो ह सारी सामग्री किसी निर्जन स्थान में फेंक आएं। इससे आपके घर में धन के सारे अभाव दूर हो जाएंगे।
दूसरा उपाय
पारद का श्रीयंत्र अपने घर में लाकर स्थापित करें। धनतेरस पर स्थिर लग्न में इसका पूजन करें। श्रीसूक्त के मंत्रों से इसका अर्चन करें। इस यंत्र पर गुलाब का इत्र लगाएं और गुलाब की पंखुड़ियों से ही पूजन करें। लाल कमल का पुष्प भी इस पर अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद दीपावली पर भी इस यंत्र का विशिष्ट पूजन करें। फिर नित्य की पूजा में हर दिन इस श्रीयंत्र पर गुलाब का इत्र लगाते रहें।
तीसरा उपाय
एक लाल कपड़े में पीली सरसों, तांबे का तिकोना टुकड़ा और लाल चंदन की लकड़ी रखें। इस पोटली को घर के सभी सदस्यों का हाथ लगवाकर किसी निर्जन स्थान, जंगल आदि में बबूल के पेड़ के नीचे गड्ढा खोदकर दबा आएं। इससे आपके जीवन के सारे अभाव दूर हो जाएंगे और धन की आवक बढ़ने लगेगी।












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