Dev Uthani Ekadashi 2024: देवोत्थान एकादशी पर करवाएं तुलसी विवाह जल्द बजेगी शहनाई
Dev Uthani Ekadashi 2024 & Tulsi Vivah: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थान एकादशी होती है और इसी दिन तुलसी विवाह संपन्न करवाया जाता है। आज वो पावन दिन आया है, आपको बता दें कि आज की एकादशी वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी कहलाती है।
इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु भक्तों पर पूर्ण कृपा बरसाते हैं। इस दिन अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए भक्तों द्वारा अनेक उपाय किए जाते हैं। इनसे सबसे प्रमुख उपाय विवाह से जुड़ा किया जाता है।

अनेक युवक-युवतियों का विवाह किसी न किसी कारण से नहीं हो पाता है। कई बार प्रयास करने के बाद भी विवाह की बात पक्की नहीं हो पाती है। इस कारण वे परेशान रहते हैं ऐसे युवक-युवतियों को देवोत्थान एकादशी के दिन तुलसी-शालिग्राम विवाह धूमधाम से करवाना चाहिए।
तुलसी के पौधे को दुल्हन के रूप से आकर्षक श्रृंगार किया जाता है
इस दिन तुलसी के पौधे को दुल्हन के रूप से आकर्षक श्रृंगार किया जाता है और शालिग्राम को दूल्हे के रूप में सजाकर गन्ने के मंडप के नीचे विवाह संपन्न करवाया जाता है।
जिन युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो पा रहा है वे देवोत्थान एकादशी के दिन एक विशिष्ट उपाय भी कर सकते हैं। इस दिन एक मिट्टी का कलश लें। इस पर चारों और हल्दी से स्वस्तिक बनाएं। इसमें चने की दाल भर लें और हल्दी की पांच गांठ डाल दें। इस कलश के मुख पर केले का पत्ता रखें और उस पर दो पके हुए केले रखें। भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए इस कलश का विधिवत पूजन करें। इस पर दक्षिणा रखकर किसी विष्णु या श्रीकृष्ण के मंदिर में रख आएं। यह उपाय करने से विवाह की बाधाएं दूर होती हैं।
देवोत्थान एकादशी के दिन व्रत रखें और भगवान विष्णु का पूजन पीले पुष्पों से करें। इस दिन स्वयं भी पीले वस्त्र पहनें। केले के पेड़ की पूजा करें और गाय को पके हुए केले खिलाएं, विवाह की बाधा दूर होगी। शीघ्र विवाह के लिए भगवान दत्तात्रेय को देवोत्थान एकादशी के दिन चने की दाल और हल्दी की गांठ चढ़ाएं और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। इसके बाद यह प्रयोग प्रत्येक गुरुवार करते रहें। कम से कम 11 गुरुवार करने से विवाह की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस दिन सोने की अंगूठी में पीला पुखराज पहनने से विवाह बाधा दूर होती है।












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