Chhath Puja 2021: अस्त होते सूर्य को दिया गया पहला अर्घ्य, जानें महत्व
नई दिल्ली, 09 नवंबर। इस वक्त बिहार समेत पूरा उत्तर भारत लोक आस्था के महापर्व 'छठ' के रंग में रंगा हुआ है, आज शाम सूर्य भगवान को पहला अर्घ्य दिया गया। इसके बाद 11 नवंबर यानी की कल सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ पूजा का समापन होगा, मालूम हो कि मंगलवार को सूर्यदेव को भोग लगाने के बाद से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया था।
Recommended Video

ये है अर्घ्य का मुहूर्त
- छठ पूजा के लिए षष्ठी तिथि प्रारंभ
- पहला अर्ध्य: सूर्य को शाम 5 बजकर 30 मिनट को दिया गया।
- दूसरा सूर्य अर्घ्य ( 11 नवंबर): 6 बजकर 40 मिनट
( नोट मुहूर्त का समय स्थान के हिसाब से बदलता रहता है क्योंकि हर शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का वक्त अलग-अलग होता है)
Chhath 2021: आज सूर्य को दिया जाएगा पहला अर्घ्य, जानिए अपने शहर में सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

अस्त और उगते हुए सूर्य के अर्ध्य देने का महत्व
पूरी दुनिया में छठ ही अकेली पूजा है, जिसमें डूबते यानी अस्त होते सूरज और उगते हुए सूर्य दोनों की पूजा की जाती है। दोनों ही स्थितियों में सूरज भगवान को अर्ध्य दिया जाता है। इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है। अस्त होता हुआ सूरज आपको विश्राम और कालचक्र के बारे में बताता है जबकि उगता सूरज नई ऊर्जा और नई सोच का प्रतीक है।

'वक्त थमता नहीं और दुनिया खत्म नहीं हुई'
अस्त होता सूरज ये बताता है कि वक्त थमता नहीं और दुनिया खत्म नहीं हुई और कल भी नए उजाले के साथ सूर्य उदय होगा इसलिए इंसान को हारना नहीं चाहिए, उसे हालात के सामने घुटने नहीं टेकने चाहिए और ना ही परिस्थितियों से घबराना चाहिए, छठ का व्रत हमें ये बताता है कि हर अंत के बाद शुरुआत होती है और अंधेरे के बाद प्रकाश आता है।

छठ पूजा सामग्री
लोग सिर पर सूप या टोकरी रखते हैं और उसमे सभी पूजा की सामग्री रखकर घाटों और तालाबों के पास जाते हैं और आधे पानी में खड़े होकर सू्र्यदेव को अर्ध्य देते हैं। सूप में जो सामग्री रखी जाती है वो निम्निखित है
- बांस की टोकरी या सूप,
- दूध,
- ठेकुआ,
- जल,
- पत्ते लगे गन्ने,
- पानी वाला नारियल,
- चावल,
- सिंदूर,
- दीपक,
- धूप,
- अदरक का हरा पौधा,
- हल्दी,
- मूली,
- नींबू,
- शरीफा,
- केला,
- नाशपाती,
- शकरकंदी,
- सुथनी,
- अगरबत्ती,
- धूप बत्ती,
- कपूर,
- मिठाई,
- गुड़,
- चावल का आटा,
- गेहूंपान,
- सुपारी,
- शहद,
- कुमकुम,
- चंदन।
यहां देखें मशहूर लोकगायिका कल्पना पोटवारी के संग छठ के रंग












Click it and Unblock the Notifications