Chhath Puja 2017: छठ पूजा का पहला अर्घ्य आज, जानिए अर्घ्य देने का समय
पटना। पूर्व का महान पर्व छठ का पहला अर्घ्य आज है। आज की शाम अस्त होते सूर्य को देकर महिलाएं अपने पुत्रों व पति की सलामती की कामना करेंगी। जबकि शुक्रवार की सुबह घाटों पर महिलाएं नदी में स्नान कर उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर छठव्रत का समापन करेंगी। आस्था और विश्वास का यह पर्व बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, दिल्ली समेत मुंबई में भी बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। शाम का अर्घ्य: छठ व्रत के तीसरे दिन सूर्य षष्ठी को पूरे दिन उपवास रखकर शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके लिए पूजा की सामग्रियों को लकड़ी के डाले में रखकर घाट पर ले जाते हैं। शाम को सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घर आकर सारा सामान वैसे ही रखना चाहिए। इस दिन रात के समय छठी माता के गीत गाने चाहिए और व्रत कथा सुननी चाहिए।

क्या आम क्या खास सभी में इस व्रत को लेकर काफी उल्लास देखा जा रहा है। चाहे वो नेता हो या अभिनेता, राजा हो या रंक, छठ मैया के आंगन में सभी एक जैसे नजर आ रहे हैं। इस मौके पर नदियों और तालाबों के तटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं और इसी कारण पटना समेत बिहार के सभी घाटों की सुरक्षा और स्वच्छता का ख्याल रखा जा रहा है। भजनों और गीत-संगीत से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया है । छठ पर्व की शुरुआत 'नहाय खाय' से मंगलवार को हुई और बुधवार को धार्मिक अनुष्ठान 'खरना' किया गया जिसके तहत पकवान बनाए गए। गुरूवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया और शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह पर्व समाप्त होगा। इस दौरान विवाहित महिलाएं 36 घंटे का नीरजला उपवास रखती हैं। अर्घ्य के दौरान डूबते और उगते सूर्य को आटे से बने पकवान, दूध, गन्ना, केला और नारियल का भोग लगाते हैं।
अर्घ्य देने की तिथि व समय
- सायंकालीन अर्घ्य- 26 अक्टूबर (गुरुवार)
- सायंकालीन अर्घ्य का समय :- सायं काल 05:40 बजे से शुरू
- प्रात:कालीन अर्घ्य: 27 अक्टूबर (शुक्रवार)
- प्रात:कालीन अर्घ्य का समय: प्रात: 6.28 बजे












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