Akshaya Tritiya Gold Buying Muhurat: आज शाम इस टाइम पर खरीदें सोना, भरी रहेगी हमेशा तिजोरी
Akshaya Tritiya Gold Buying Muhurat:आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जिसे कि 'अक्षय तृतीया' के रूप में पूरे देश में मनाया जा रहा है, यह दिन बहुत शुभ है, कहते हैं आज के दिन जो भी काम किए जाते हैं उसका फल अक्षय होता है, आज सोना खरीदना शुभ माना जाता है।
कहते हैं कि सोना खरीदने से लक्ष्मी माता प्रसन्न होती हैं और जातक के घर पर हमेशा अपना आशीष बनाए रखती हैं।

यही नहीं लक्ष्मी माता के प्रसन्न होने से विष्णु भगवान भी खुश होते हैं और भक्त के घर को हमेशा खुशियों से भरे रहते हैं। कोई भी काम शुभ महूर्त में करने से दूने फल की प्राप्ति होती है।
सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त
इसलिए अगर आप सोना खरीदने के लिए घर से निकल रहे हैं तो खरीदारी का शुभ मुहूर्त देखकर निकलिए, वैसे तो आज अबूझ मुहूर्त है और पूरा दिन ही पावन है लेकिन फिर भी अगर आप पंचांग को मानते हैं तो उसके मुताबिक आज सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है।
खरीदारी का शुभ मुहूर्त (Akshaya Tritiya Gold Buying Muhurat)
आज शाम 5:41 PM से 09:00 PM , इस दौरान जो भी आप खरीदेंगे, उसका शुभ फल कभी भी खत्म नहीं होगा।
आपको बता दें कि अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं बल्कि इसके जरिए आप बड़ी आसानी से अपने जीवन में स्थायी सुख, समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं। यह दिन नए कार्यों की शुरुआत जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार आदि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। खास बात यह है कि अक्षय तृतीया के दिन मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, यह तिथि स्वयं में 'अबूझ मुहूर्त' मानी जाती है।
अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व (Akshaya Tritiya)
- महाभारत के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को अक्षय पात्र प्रदान किया था, जिससे कभी भी भोजन की कमी नहीं रही।
- इसी दिन गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई थी।
- अक्षय तृतीया को विवाह, मुहूर्त, खरीदारी और निवेश के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
मां लक्ष्मी के मंत्रों का करें जाप, भरे रहेगी तिजोरी (Akshaya Tritiya)
- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नमः:
- ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:
- ॐ लक्ष्मी नमः:
- ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:
- लक्ष्मी नारायण नमः:
- पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्:
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:
- ॐ धनाय नम:
- ॐ ह्रीं त्रिं हुं फट:
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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