ताज महोत्सव में होगी 'प्रेम' की बातें

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शिल्पग्राम परिसर में इस 10 दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत होगी। महोत्सव में सबसे पहले प्रेम का बखान करने वाले गीत की प्रस्तुति होगी। इस गीत में भक्ति आंदोलन, श्रीकृष्ण, राधा, मीरा, राधास्वामी का विश्वास, मुमताज और शाहजहां की प्रेम कहानी, मुगल बादशाह अकबर के सुलह कुल और दीन-ए-इलाही का भी जिक्र होगा।
'जीयो और जीने दो' के सिद्धांत पर आधारित इस गीत को सुशील सरित ने लिखा है और आगरा घराने के प्रसिद्ध गजल गायक सुधीर नरेन ने इसे संगीतबद्ध किया है। इस साल ताज महोत्सव को 'एक उत्सव प्रेम का' नाम दिया गया है।
छात्रों के लिए होंगी प्रतियोगिताएं
एक आयोजक ने बताया कि प्रेम के इस उत्सव को बसंत की शुरुआत के साथ प्रेम के विभिन्न आयामों में मनाया जाएगा। इसमें दीवारों पर पेंटिंग, सजावट, सांगीतिक प्रस्तुतियां, नृत्य के माध्यम से युवाओं की खुशी के इजहार के साथ आगरा में छात्रों की विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के उप निदेशक अविनाश मिश्रा ने कहा, "हर साल उत्सव का एक विषय होता है, इस साल भी इसका एक विषय है।" उन्होंने कहा, "यह क्षेत्र शाहजहां और मुमताज की प्रेम कहानी और श्रीकृष्ण व राधा के बीच एक उच्च आध्यात्मिक स्तर के लिए प्रसिद्ध है। आगरा को प्रेम का शहर कहा जाता है। इसलिए हम प्रेम के इस शक्तिशाली संदेश को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं जो संकीर्णता और सांप्रदायिक बाधाओं को दूर कर मानव जाति को एक करता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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