संस्कृत सप्ताह प्रतियोगिताओं में छात्रों ने लिया बढ़चढ़ हिस्सा, CSU-मेरी ने संयुक्त रूप से कराए कार्यक्रम
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सीएसयू) तथा मेरी के संयुक्त रूप में आयोजित संस्कृत सप्ताह की प्रतियोगिताओं में छात्र छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी की अध्यक्षता में शनिवार को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली तथा मैनेजमेंट एडुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, दिल्ली के द्वारा मिल कर संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया।
कला सपर्या/ युवसपर्या कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्र छात्राओं को संस्कृत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साथ ही प्रतिभावान प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। यह कार्यक्रम मेरी के परिसर में संपन्न हुआ। साथ ही इन दोनों शैक्षणिक संस्थानों में एक महत्त्वपूर्ण आकादमिक समझौता (एमओयू) भी किया गया।

प्रो. मदन मोहन झा, डीन, एकेडमी ने कहा है कुलपति प्रो वरखेड़ी जी की अध्यक्षता में चल रहे इस संस्कृत सप्ताह के आज के इस कार्यक्रम में युवा पीढ़ी के द्वारा बढ़चढ़ कर भाग लेने से स्पष्ट है कि संस्कृत न केवल अपनी पारम्परिक संस्थानों में, अपितु देश की अन्य शैक्षणिक संस्थानों की मुख्य धारा में आबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इससे संस्कृत के साथ भारतीय संस्कृति के संवर्धन में बहुत ही बल मिलेगा। प्रो. झा ने यह भी कहा कि आज का यह आकादमिक समझौता बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। साथ ही साथ उन्होंने मेरी महाविद्यालय के प्राचार्य आचार्य प्रदीप अग्रवाल तथा उनके टीम के प्रति आभार भी जताया।
प्राचार्य अग्रवाल ने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम संस्कृत तथा भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने के लिए आवश्यक है और भविष्य में भी होता रहना चाहिए। इस उमंग भरे कार्यक्रम का श्रीगणेश भगवान गणेश जी की वंदना से किया गया और आज के इस संस्कृत सप्ताह के उत्सव में संस्कृतगीत स्पर्धा, श्लोक स्पर्धा, स्तोत्र स्पर्धा, वाग्मिता स्पर्धा, चित्र स्पर्धा और भरतनाट्यम का बड़ा ही जीवन्त आयोजन किया गया और बच्चों बहुत ही प्रभावी उत्साह दिखाया।
इसमें ना केवल पारम्परिक, अपितु आधुनिक शिक्षा धारा के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया और प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त छात्र छात्राओं को पदक तथा प्रमाण पत्र देकर उनके उत्साह की श्रीवृद्धि भी की गयी। प्रत्येक स्पर्धा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त उत्तीर्ण छात्र छात्राओं को पदक, प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें अनेक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों के छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
सूचनीय है कि इस कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में प्रो. नारायण सिम्हा, डॉ. पवन व्यास तथा डॉ. प्रीति शुक्ला उपस्थित थे और इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन प्रो. मदन मोहन झा, डीन एकेडमी ने किया। डॉ. देवानंद शुक्ला, उप निदेशक शैक्षणिक ने इस कार्यक्रम के सक्रिय परिकल्पना में अपना महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. यशवन्त त्रिवेदी, सहायकाचार्य , तकनीकि सहयोग राहुल कश्यप, सूरज, निखिल ने दी। साथ ही अनिल, साधना, प्रेम प्रकाश, विजय और गोविन्द झा आदि कर्मचारियों ने भी अपना सहयोग दिया।
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