नैनीताल का शीतलाखेत स्याहीदेवी जुड़ेगा इको टूरिज्म से, रोजगार के अवसर होंगे पैदा
अल्मोड़ा, जून 9। धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन के लिहाज से उर्वर शीतलाखेत स्याहीदेवी इको टूरिज्म से जुड़ेगा। वन विभाग की मुहिम रंग लाई तो स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही जैवविविधता से लबरेज यह वन क्षेत्र अपनी अलग पहचान कायम कर सकेगा। मुख्य वन संरक्षक (कुमाऊं) डा. तेजस्विनी अरविंद पाटिल ने मातहतों को शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर देने के निर्देश दिए। साथ ही जीवनदायिनी कोसी के प्रमुख रिचार्ज जोन में शुमार वन क्षेत्र में जल संरक्षण के कार्यों में तेजी लाने को भी कहा।

सीसीएफ (कुमाऊं) डा. तेजस्विनी ने मंगलवार को शीतलाखेत वन रेंज का दौरा किया। कोसी पुनर्जनन महाअभियान के तहत अब तक लगाए गए पौधों की वास्तविकता जानी। वर्षा जल को एकत्र कर भूमिगत जल भंडार तक पहुंचाने के लिए बनाए गए चाल खाल, पिरूल के चेकडैम आदि का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने मृदा व जल संरक्षण में मददगार चौड़ी पत्ती प्रजाति के बहुपयोगी पौधों के साथ ही बमौर, तुषार आदि फलदार पौधों को ज्यादा महत्व दिए जाने की जरूरत बताई। ताकि बंदर व लंगूर आदि वन्यजीवों के लिए जंगल के भीतर पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही जल संरक्षण कार्यों में भी गति आएगी।












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