उत्तराखंड में जमकर बरसे मनीष सिसोदिया, कहा-जीरो टॉलरेंस नहीं,जीरो वर्क सरकार है त्रिवेंद्र सरकार
Manish Sisodia on Uttarakhand Govt: उत्तराखंड में जमकर बरसे मनीष सिसोदिया, कहा-जीरो टॉलरेंस नहीं,जीरो वर्क सरकार है त्रिवेंद्र सरकार
देहरादून। अपने पहले गढवाल दौरे पर आए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री, मनीष सिसोदिया कल हरिद्वार से सडक मार्ग से होते हुए देहरादून पहुंचे। जहां जगह जगह देहराूदन पहुंचने पर उनका कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। सबसे पहले मनीष सिसोदिया जी कचहरी स्थित, शहीद स्थल पर पहुंचे ,जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पुष अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन सिर्फ शहीदों की शहादत से ही संभव हो पाया है। लेकिन आज तक शहीदों के सपनों का प्रदेश उत्तराखंड नहीं बन पाया है। जिसको लेकर उनकी पार्टी का प्रयास होगा कि, उनकी पार्टी शहीदों के सपनों के उत्तराखंड को बनाएगी। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले स्व0 इंद्रमणि बडोनी की मूर्ति पर घंटाघर पहुंचकर माल्यार्पण किया।

उत्तराखंड सरकार पर जमकर बसरे
इसके बाद घंटाघर से होते हुए मनीष सिसोदिया पैसिफिक होटल पहुंचे ,जहां एक एनजीओ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें देश के अलग अलग स्कूलों से 250 से ज्यादा स्कूलों के प्रिंसिपल मौजूद रहे। वहां मनीष जी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की, और शिक्षा प्रणाली से लेकर शिक्षकों और छात्रों पर अपने विचार रखे जिनकी वहां मौजूद अतिथियों ने खूब सराहना की। वहां मौजूद लोगों से मनीष जी का शिक्षा के कई मसलों को लेकर संवाद भी हुआ ,जिनका मनीष जी ने खुलकर जवाब देते हुए अपनी बात रखी।
हल्द्वानी की तरह देहरादून में भी जनता से संवाद करने के लिए ,देवभूमि की बात मनीष सिसोदिया के साथ, कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के अनेक वर्गों से जुडे लोगों ने मनीष जी से कई सवाल पूछे, जिनका मनीष जी ने बडी धैर्यतापूर्वक जवाब दिए। कार्यक्रम में कई बुद्विजीवी लोग उपस्थित रहे। इसके बाद होटल पैसिफिक में उन्होंने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की जो हालत हो गई है ,उसके लिए पूर्ववर्ती और मौजूदा सरकार दोषी है। यहां की जनता के साथ सभी सरकारों ने धोखा देने का काम किया है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जनता का पूर्ण समर्थन और प्यार आप पार्टी को उत्तराखंड में मिल रहा है, और कई लोग लगातार आप पार्टी का दामन थाम भी रहे हैं। आज विरोधियों को मुह छिपाने की नौबत आन पडी है। उन्होंने उत्तराखंड की जनता का आभार जताते हुए कहा कि देवभूमि की जनता बहुत समझदार है और आने वाले चुनाव में वो जरुर अपना पूर्ण समर्थन आप पार्टी को देगी।
जीरो टॉलरेंस नहीं बल्कि जीरो वर्क सरकार
इसके बाद एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार पर जमकर वार किया। मनीष सिसोदिया ने उत्तराखंड बीजेपी सरकार को जीरो टॉलरेंस नहीं बल्कि जीरो वर्क सरकार बताया। उन्होंने कहा बीजेपी कांग्रेस ने पिछले 20 सालों में जनता को लूटा है। उन्होंने त्रिवेंद्र सरकार को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा,वो ऐसे कोई पांच काम गिनाएं जो पिछले चार साल में उन्होंने उत्तराखंड की जनता के हित में किए हो। इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड के पलायन पर चिंता जताते हुए ,यहां के स्वास्थ्य,शिक्षा, और बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त की। त्रिवेंद्र सरकार के काम को लेकर,उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, त्रिवेंद्र सरकार ने, अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सूर्य धार के पास पहले तो ज़मीन नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स के परिवारों को चली गई फिर सरकारी खर्चे पर ,उसका डेवलपमेंट करके लेक बना दी और जिसके बाद वहां के ज़मीनों का लाभ वो लोग ले रहे हैं।
इसके अलावा इस दौरान राज्य अथिति ग्रह में कई लोगों ने मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में आप पार्टी की सदस्यता ली जिसमें, अमरेंद्र बिष्ट जिला पंचायत सदस्य धनोल्टी, शिशुपाल बिष्ट पूर्व यूकेडी नेता, सीपी सिंह, प्रवीण जोशी पूर्व ओएसडी तिवारी सरकार, जी एस आनन्द, एसपी कोचर, सीएस जोशी, संदीप रावत, उत्तम सिंह अधिकारी, हरीश सनवाल, एन एस बिष्ट , कमल राजभर, बबीता शाही, अमित कुमार, महेश सहगल, दीप चंद्र वर्मा समेत कई लोग आप में शामिल हुए।
शिक्षा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए कोई वैक्सीन नहीं
कोरोना के चलते देश में शिक्षा को जो नुकसान हुआ है उसके लिए कोई वैक्सीन नहीं है। इस नुकसान की भरपाई करने के लिए शिक्षकों और सरकार को मिलकर काम करना होगा। देश को खड़ा करने के लिए नेता और स्कूल दो मुख्य स्तंभ हैं। यह बातें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को दून में आयोजित प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
एजुकेशन इंडिया की ओर से सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है। शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने वाला नेता ही सफल नेता कहलाता है। वहीं सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक रनबीर सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के साथ सिखाना भी होगा। इसके लिए शिक्षकों को बच्चों को समय देने के साथ उनके अभिभावकों से भी जुड़ना होगा।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोविड-19 ने हमें सोचने का अवसर दिया है। हमनें कभी सोचा नहीं था कि अगर स्कूल-कॉलेज बंद हो जाएं तो बच्चों को पढ़ाया कैसे जाएगा। किसी शिक्षक ने यह नहीं सोचा था कि आठ से दस महीने तक स्कूल बंद रहेंगे और केवल ऑनलाइन ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। मुश्किल की इस घड़ी में शिक्षकों ने जिम्मेदारी संभाली और बिना किसी ट्रेनिंग के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा, इसके लिए शिक्षक बधाई के पात्र हैं। बच्चों को कैसे शिक्षा दी जाए यह शिक्षकों से बेहतर कोई नहीं जानता। नई शिक्षा नीति की सिसोदिया ने तारीफ की। कहा कि नई शिक्षा नीति एक अच्छी सोच है। इस योजना में लिखी गई बातों को अमल में लाने के लिए एक अच्छी रणनीति बनानी होगी।
प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में 250 स्कूलों के प्रधानाचार्य करीब आठ महीने बाद एक साथ एक स्थान पर जुटे तो सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। प्रधानाचार्यों ने कहा कि कोरोना ने इस तरह के आयोजनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। ऑनलाइन बैठक, मीटिंग और चर्चाओं से हम सब ऊब चुके थे। लंबे समय बाद शारीरिक बैठक कर बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है हम सबको सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पालन करना होगा।












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