हरियाणा: रिटायरमेंट के नजदीक बैठे IAS अधिकारी अब अपने चहेतों को नहीं बांट सकेंगे 'रेवडियां'
चंडीगढ। हरियाणा में सेवानिवृत्ति के नजदीक वरिष्ठ आईएएस अफसर अब अपने चहेतों को गैरकानूनी तरीके से फायदा नहीं पहुंचा सकेंगे। सेवानिवृत्त होने से पहले प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और सक्षम अधिकारियों के खासमखास को पदोन्नति, नियुक्ति, तबादलों, खरीद व अनुशासनात्मक कार्यवाही में लाभ पहुंचाने पर मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार ने कुछ अफसरों की इस तरह की कारगुजारी संज्ञान में आने पर यह पाबंदी लगाई है।

सरकार ने इस संबंध में सोमवार को सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड- निगमों के प्रबंध निदेशकों व मुख्य प्रशासकों, मंडलायुक्तों, डीसी व सभी यूनिवर्सिटी के पंजीयक को आदेश जारी किए। इस आदेश ने उन सभी वरिष्ठ आईएएस के पर कतर दिए हैं जो सेवानिवृत्ति के नजदीक अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने का मंसूबा पाले हुए थे। सरकार के ताजा आदेश के अनुसार सेवानिवृत्ति से दो माह के भीतर प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष व अन्य सक्षम अधिकारी नियुक्ति, पदोन्नति, खरीद, तबादलों व अनुशासनात्मक कार्यवाही को अंतिम रूप देने संबंधी कोई निर्णय नहीं लेंगे। उन्हें इस तरह के सभी मामले पूर्व अनुमति के लिए मुख्य सचिव को भेजने होंगे।उनकी मंजूरी के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
सरकार को मिल रही थीं शिकायतें
सरकार के पास शिकायतें आ रही थी कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों के अंतिम समय में लिए जाने वाले फैसलों को पूरी तरह पारदर्शी नहीं माना जा सकता। इसमें भ्रष्टाचार, अयोग्य लोगों की नियुक्तियां, सरकारी को राजस्व नुकसान सहित अनेक हानियां उठानी पड़ सकती हैं। ऐसे फैसलों में वित्तीय अनियमितताओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सरकार ने ताजा आदेश में कड़ा रुख कुछ मामलों में भाई भतीजावाद, पक्षपात व वित्तीय हानि सामने आने पर अपनाया है।












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