दिल्ली सरकार का ग्वेरैंड-हर्मेस फाउंडेशन के साथ करार, शिक्षा में सुधार के लिए उठाया कदम
नई दिल्ली, 10 जून: दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने आईएफ-20 एजुकेशन वर्किंग ग्रुप इनिशिएटिव में भागीदारी के लिए ग्वेरैंड-हर्मेस फाउंडेशन फॉर पीस इंस्टीट्यूट के साथ करार किया है। दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस एमओयू को साइन करने का दिल्ली सरकार का उद्देश्य शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को एक ऐसा मंच देना है, जिसमें वो आजादी के साथ खुले वातावरण में अपने विचारों को साझा कर शिक्षण की नई पद्धतियों को अपना सकें।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि सरकार ने ग्वेरैंड-हर्मेस फाउंडेशन फॉर पीस इंस्टीट्यूट के साथ यह समझौता किया है। यह समझौता आईएफ-20 एजुकेशन वर्किंग ग्रुप इनिशिएटिव 2021 में भागीदारी के लिए किया गया है। इस समझौते में विशेषज्ञ लॉकडाउन के बाद छात्रों की शिक्षा को उचित तरीके से आगे बढ़ाने के उपाय शिक्षकों को सिखाएंगे। इसका उद्देश्य एक ऐसा मंच प्रदान करना है जिससे शिक्षक और छात्र स्वतंत्र रूप से भयमुक्त वातावरण में अपने विचारों को साझा कर शिक्षण की पुरानी पद्धतियों को बदल सकें।
सिसोदिया ने बुधवार को जी-20 इंटरफेथ फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर शेर्टो गिल के साथ पहली ऑनलाइन वर्कशॉप की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कहा कि लंबे लॉकडाउन के बाद शिक्षा व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाना बड़ी चुनौती का काम है।उन्होंने कहा कि हमें यह भी ध्यान देना होगा कि इसमें बच्चों की शिक्षा में कमी न रह जाए, जिससे कि वे भविष्य में जब कभी किसी प्रतियोगिता में भाग लें तो उन्हें किसी भी तरह की परेशानी ना हो। इसके साथ ही हमें उनके कौशल को भी निखारना है।
सिसोदिया ने कहा कि स्कूलों के खुलने से पहले छात्रों के दिमागी तौर पर तैयार करना होगा, जिससे वे नए माहौल में अपनी शिक्षा को आगे बढ़ा सकें। वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों के लिए अपने छात्रों के साथ फिर से जुड़ना महत्वपूर्ण है। शिक्षकों को पिछले कुछ महीनों में आई मुश्किलों के कारण तनाव हुआ है। अब उन्हें न केवल अपने दुख और तनाव से उबरने के लिए तैयार रहने की जरूरत है, बल्कि अपने छात्रों का भी सपोर्ट करने के लिए भावनात्मक रूप से तैयार रहने की जरूरत है। क्योंकि महामारी में छात्र भी समान रूप से प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि शिक्षक अपने छात्रों की काउंसिलिंग करने के लिए खुद को तैयार कर सकें। यदि छात्र किसी चुनौती का सामना कर रहे हैं तो उनका सपोर्ट करें और उन्हें एक ऐसी स्थिति में आने में मदद करें, जहां वे शिक्षण गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हों।












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