IDEA के फाउंडर मल्लिकर्जुना आइथा को CM अरविंद केजरीवाल ने दिया राजकीय पुरस्कार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार 09 अक्टूबर को दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को दिल्ली सरकार के दिव्यांगजन हेतु राजकीय पुरस्कार से सम्मानित किया। दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में आयोजित दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के इस कार्यक्रम में दिव्यांगों के आर्थिक उत्थान और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य करने वाली समाजसेवी संस्था आइडिया (इंक्लूसिव दिव्यांगजन एंट्रेप्रयूनेर एसोसिएशन) के संस्थापक एवं सीईओ मल्लिकर्जुना आइथा को 'उद्यमिता में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए' यह राजकीय पुरुस्कार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों के लिए कार्य कर रहे सभी सम्मानित व्यक्तियों को उनके अतुलनीय कार्य के लिए शुभकामनाएं दी। आइडिया के संस्थापक और सीईओ मलिकार्जुन आइथा पिछले दो दशकों से समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं और एक सीरियल एन्टरप्रीनउर हैं। जवाहरलाल नेहरू विश्वविध्यालय से शिक्षा ग्रहण करने वाले मलिकार्जुन ने जेएनयू में पढ़ाई के दौरान ही एक समाजसेवी संस्था की शुरुआत कर आसपास के झुग्गी झोपड़ी के बच्चों की शिक्षा के लिए काम करना प्रारंभ कर दिया था। उसके बाद उन्होंने आगे चलकर बिलीव इंडिया, एफ - टेक और आइडिया जैसी समाजसेवी संस्थाओं की नींव रखी, जिनके माध्यम से वे आज हजारों दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों कलाकारों और पिछड़े तबकों के साथ निरंतर उनके आर्थिक उत्थान और स्वरोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम कर रहे हैं।
आइडिया के माध्यम से उन्होंने हजारों दिव्यांग जनों को स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने का काम किया है, जिससे आज दिव्यांगजन अपने व्यवसाय से न सिर्फ अपनी अपनी जीविका चला रहे हैं बल्कि हजारों लोगों को अपने बिजनेस में रोजगार देने वाले बन रहे हैं। मलिकार्जुन का कहना है कि, 'स्वरोजगार से दिव्यांग जनों का आर्थिक उत्थान ही नहीं होता बल्कि उन्हें समाज में स्वाभिमान से जीने का आत्मविश्वास भी मिलता है। दिव्यांग जनों को हाथ फैलाने वाले से समाज को 'देने वाला' बनाना ही मेरे जीवन का उद्देश्य है। आगामी वर्षों में 5000 दिव्यांग जनों को स्वरोजगार और उनके जरिए एक लाख लोगों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य है।'

हाल ही में बीते 2 अक्टूबर को देश की जानी मानी आईएएस अधिकारी इरा सिंघल ने एक कार्यक्रम में 75 दिव्यांग जनों को आइडिया की ओर से अनुदान राशि के चेक प्रदान कर उन्हें अपना व्यवसाय प्रारंभ करवाया। अबतक 750 से अधिक दिव्यांग जनों को स्वरोजगार से स्वावलंबी बना चुकी संस्था आइडिया की सराहना करते हुए इरा सिंघल ने कहा था कि, 'दिव्यांग जनों को उद्यमी बनाने के लिए आइडिया न सिर्फ उन्हें जरूरी ट्रैनिंग दे रही है, बल्कि सबसे जरूरी बिजनेस शुरू करने के लिए पूंजी प्रदान करने का महत्त्वपूर्ण काम कर रही है, इसके साथ ही बिजनेस शुरू करवाकर उसे मार्केट से जोड़कर उन्हे सफल उद्यमी बनाने में आइडिया का अभियान आने वाले समय में 5 हजार दिव्यंगों को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करेगा।'

क्या है आइडिया ?
IDEA (Inclusive Divyangjan Entrepreneur Association) एक समाजसेवी संस्था है जो देश के दिव्यांग जनों को स्वरोजगार और रोजगार के जरिए स्वावलंबी बनाने की मुहिम मे जुटी है। 2019 में स्थापित आइडिया देश के 4 राज्यों में दिव्यांग जनों को लघु उद्यम प्रारंभ करवाने के लिए ट्रैनिंग से लेकर आर्थिक सहयोग और मार्केट लिंकेज के जरिए इन दिव्यांग उद्यमियों के व्यवसाय को निरंतर बढ़ाने में कार्यरत रहती है। इसके साथ साथ दिव्यांग जनों को रोजगार दिलवाने के अलावा आइडिया देश में सुगम्य वातावरण बनाने के प्रयासों में भी अग्रसर है। इसके अंतर्गत कंपनियों, शिक्षण संस्थाओं एवं सार्वजनिक स्थानों को दिव्यांग जनों के लिए सुगम्य बनाने के लिए ट्रैनिंग एवं एक्सेस ऑडिट जैसे कार्य भी करती है।

5000 दिव्यांगों को रोजगार और 750 दिव्यांगों ने शुरू किया स्वरोजगार
आईडिया के संस्थापक एव सीईओ मल्लिकर्जुना आइथा ने बताया कि, 'आइडिया संस्था का मिशन देशभर के दिव्यांग जनों को स्वरोजगार के जरिए समाज के सामने हाथ फैलाने वाले से रोजगार देने वाला बनकर समाज का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बननया है। आइडिया "विकसित भारत" के विजन में दिव्यांग जनों को सशक्त कर आगे बढ़कर आर्थिक योगदान देने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। आइडिया अबतक 5000 से अधिक दिव्यांगों को रोजगार एवं 750 दिव्यांगों को स्वरोजगार से जोड़ चुकी है और आगमी लक्ष्य 2028 तक देशभर में 5 हज़ार दिव्यांग उद्यमियों को खड़ा करना है, जिनके जरिए देश के एक लाख लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था में दिव्यांग वर्ग का भी योगदान सुनिश्चित हो रहा है।'
ट्रैनिंग से लेकर सीड ग्रांट, प्रदर्शनी और मार्केट लिंकेज तक काम करती है आइडिया
आइडिया के सीईओ मल्लिकर्जुना आइथा ने आगे बताया, आइडिया ने देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक 6 दिव्यांगजन इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना की है, जिसमें ऐसे दिव्यांगजनों को सहयोग किया जाता है जो अपना स्वरोजगार करना चाहते है या अपने छोटे उद्यम को आगे बढ़ाना चाहतें हों। ऐसे दिव्यांग जनों के बैच बनाकर उन्हें 5 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाता है। उसके बाद उन्हें सीड ग्रांट की धनराशी देकर उनका उद्यम शुरू करवाया जाता है। उद्यम शुरू होते ही उन्हें मार्किट से जोड़कर उनके उद्यम को आगे बढ़ाने का काम भी आइडिया की टीम करती है। इसके साथ साथ मल्टीनेशनल कंपनियों में दिव्यांग उद्यमियों के स्टाल लगवाने से लेकर देश के अलग अलग स्थानों पर लगने वाली प्रदर्शनियों में भी दिव्यांग उद्यमियों के उत्पादों के स्टाल लगवाने में सहयोग किया जाता है।

दिव्यांग उद्यमियों के देशव्यापी नेटवर्क "DHAN" के जरिए मिलता हरपल सहयोग
आइडिया संस्था देशभर के इन दिव्यांग जन उद्यमियों को एक साथ जोड़ने के लिए एक नेटवर्क स्थापित किया है, ताकि सभी दिव्यांग उद्यमी व्यवसाय शुरू करने के बाद एक-दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ते रहें और देश में दिव्यांग उधयमियों के संगठन को मजबूत बनकर भविष्य में समाज और सरकार में एक बिजनेस बॉडी के रूप में प्रतिनिधित्व कर सकें। इस नेटवर्क का नाम है - DHAN यानि दिव्यांगजन हुनर आत्मनिर्भर नेटवर्क। DHAN नेटवर्क के देशभर में अलग अलग हिस्सों में इससे जुड़े दिव्यांगजन उद्यमियों के "धन - संवाद" आयोजित करते हैं, जिसमें सभी उद्यमी मिलकर अपने स्वरोजगार को बढ़ाने पर बातचीत करते हैं। इसके साथ साथ आइडिया की ओर से भी इस नेटवर्क की निरंतर बैठक आयोजित की जाती हैं और दिव्यांग उद्यमियों को लगातार बिजनेस को बढ़ाते हुए समाज में अपना योगदान देते रहने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके साथ ही "धन" नेटवर्क में दिव्यांग उद्यमियों को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए समय समय पर आवश्यक आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है।
दिल्ली सरकार का सम्मान और बढ़ाएगा अभियान
राजकीय सम्मान से सम्मानित होने पर मलिकार्जुन आइथा ने खुशी जाहीर करते हुए कहा कि, यह पुरुस्कार एक जिम्मेदारी भी है, दिल्ली सरकार ने आइडिया के काम को सराहा है अब हम दिव्यांगों के स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण के लिए इस अभियान को और आगे और तेजी से ले जाने के लिए काम करेंगे। मेरा सपना है कि जब भारत विश्व गुरु बने या 3 ट्रिलियन इकोनोमी बने तब इसके पहली पंक्ति में दिव्यांग जन भी हों, जो देश की तरक्की में अपना योगदान देते रहें।

कैसे जुड़ें आइडिया से
दिव्यांगों के स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण के लिए सतत प्रयास में आइडिया को एसबीआई फाउंडेशन, आरआईएसटी और द हंस फाउंडेशन से सहयोग प्राप्त होता है। आइडिया से जुड़ने के लिए दिव्यांग जन देश के विभिन्न शहरों में स्थित दिव्यांग जन स्पोक सेंटर पर सम्पर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर भी जुड़ सकते हैं।
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