झीरम घाटी की आठवीं बरसी पर CM भूपेश बघेल ने कहा-नक्सली हमला एक कान्ट्रैक्ट किलिंग थी
रायपुर, मई 26: झीरम घाटी की आठवीं बरसी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 2013 में झीरम घाटी में हुआ नक्सली हमला एक राजनीतिक और आपराधिक साजिश थी। यह एक कान्ट्रैक्ट किलिंग थी। उन्होंने कहा है कि केंद्र नहीं चाहती की इस मामले की जांच हो। उन्होंने एनआईए की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि झीरम में कांग्रेसी नेताओं सहित 30 लोग मारे गए थे।

उन्होंने कहा कि 25 मई 2013 को कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए इस हमले में कई कांग्रेस नेताओं की जानें गईं थी। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उसने मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी। मुख्यमंत्री ने झीरम को लेकर आरोप भी लगाए है कि केंद्र सरकार के दबाव के चलते न एनआईए इसमे खुद जांच कर रही है न हमें करने दे रही है। ये राजीनीतिक षड्यंत्र और सुपारी किलिंग थी।
सीएम बघेल ने कहा कि, हम खुदकी पार्टी और पीड़ितों को न्याय नहीं दे पा रहे। टूलकिट मामले में तो भाजपा तुरंत ट्विटर के ऑफिस पहुंच गई लेकिन झीरम में 8 साल बाद भी जांच नहीं हुई। झीरम घाटी शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में बघेल ने कहा है कि झीरम घाटी के शहीदों और विगत वर्षों में नक्सल हिंसा के शिकार हुए सभी लोगों की स्मृति में वर्ष 2020 से 25 मई को हर वर्ष 'झीरम श्रद्धांजलि दिवस' मनाया जाता है।
प्रदेश के सभी शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों में नक्सल हिंसा में शहीदों की स्मृति में 25 मई को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी जाएगी तथा राज्य को पुन: शांति का टापू बनाने के लिए शपथ भी ली गई। बता दें कि, 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर की झीरम घाटी में चुनावसभा कर लौट रही कांग्रेस के काफिले पर हमला कर दिया था, जिसमें कई बड़े कांग्रेस नेताओं और उनके सुरक्षाकर्मियों समेत 30 लोगों की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी।












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