उत्तराखंड: चमोली आपदा में मृत घोषित किए गए 29 मजदूरों को मिलेंगे 29-29 लाख रुपए
देहरादून, मई 31। उत्तराखंड के चमोली जिले में 4 महीने पहले ग्लेशियर फटने की वजह से आई प्राकृतिक आपदा में यूपी के 29 मजदूर लापता हो गए थे। ये मज़दूर उप्र के लखीमपुर व उत्तराखंड से सटे आसपास के गावों के थे। ये सभी मजदूर तपोवन विष्णुगढ़ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। टनल में भारी मात्रा में कीचड़ और गाद जमा हो जाने की वजह से मजदूर टनल में ही फंस गए थे। कई दिनों तक उन मजदूरों की तलाश की गई थी, लेकिन अब उन मजदूरों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। साथ ही राज्य सरकार ने उन मृत मजदूरों के परिवार के लिए मुआवजे की भी घोषणा की है।

जानकारी के मुताबिक, मृत घोषित किए गए 29 मजदूरों के परिवार को कुल 29 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। राष्ट्रीय थर्मल पावर कॉर्पोरेशन यानी एनटीपीसी की ओर से प्रत्येक को 20 लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा, जबकि उत्तराखंड आपदा राहत कोष से 4 लाख, उत्तर प्रदेश सरकार व केंद्र की ओर से 2 लाख और उत्तराखंड सरकार की लाभार्थी योजना के तहत एक लाख रुपए की रकम दी जाएगी।
इस साल 23 फरवरी को उत्तराखंड सरकार ने एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि बाढ़ में बहे 140 लोगों का पता नहीं चला, जिन्हें 'मृत मानकर' घोषणा की जा सकती है। मार्च में सीमावर्ती उप्र सरकार ने इन 140 लोगों को 'मृत' मानने की प्रक्रिया शुरू की तो लखीमपुर के मज़दूरों के रिकॉर्ड मंगवाए गए। इन 29 में से 13 इच्छानगर, 8 बहरामपुर और बाकी पड़ोसी गांवों के रहने वाले मज़दूर थे। इनके बारे में अखबारों में 23 अप्रैल को सरकार ने एक गजट प्रकाशित करवाते हुए कहा कि इन मज़दूरों को मृत घोषित किए जाने में किसी को कोई आपत्ति हो तो दर्ज करवाए।












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