जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल: 09वें दिन शशि थरूर पर रहेंगी सबकी निगाहें
जयपुर, 12 मार्च: राजस्थान के जयपुर शहर में चल रहा साहित्य का उत्सव अब अपने आखिरी चरण में प्रवेश कर रहा है। मशहूर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का ये 15वां संस्करण है, जिसका रविवार को नौंवा दिन है। 5 मार्च से चल रहे इस फेस्टिवल का अब तक का सफर कमाल का रहा है। आज, आठवें दिन इसमें कई शानदार सेशन हुए, वहीं नवें दिन कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ बातचीत के सत्र पर निगाहें रहेंगीं।

तिरुवनंतपुरम से सांसद डॉ. शशि थरूर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 15वें संस्करण के नौवें दिन पैनोप्टीकॉन युग पर मोहित सत्यानंद के साथ बातचीत करेंगे। इस सत्र में थरूर के साथ सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी लोकुर भी होंगे। जो कानून, मानवाधिकार पर लिखते रहते हैं। खोजी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी भी इन दोनों हस्तियों के साथ होंगे।
9वें दिन अन्य आकर्षण
रविवार को थरूर पर तो निगाहें रहेंगी, कई दूसरे कार्यक्रम भी होंगे। फिल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा कल शुनाली खुल्लर श्रॉफ के साथ बातचीत करेंगी। पुरस्कार विजेता ब्रिटिश कवि, उपन्यासकार और गैर-कथा लेखक रूथ पैडल, जिन्होंने टाइगर्स इन रेड वेदर: ए क्वेस्ट फॉर द लास्ट वाइल्ड टाइगर्स ऑन वाइल्ड टाइगर कंजर्वेशन में प्राकृतिक इतिहास और यात्रा लेखन को संयुक्त किया है, वो भी रविवार को एक सत्र का हिस्सा होंगे। वंदना सिंह-लाल के साथ वो चर्चा करेंगे। पुरस्कार विजेता वन्यजीव संरक्षणवादी नेहा सिन्हा, जिनकी हालिया पुस्तक वाइल्ड एंड विलफुल काफी चर्चित हुई है, वो भी कल पैनल में होंगी।

अपने स्वभाव से ही राग सृजन अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता की अमरता का वादा करता है। रागों की प्राचीन और अद्वितीय प्रणाली मधुर रूपरेखा प्रदान करती है जो कामचलाऊ व्यवस्था और रचना की प्रतिभा को दर्शाती है। भारतीय शास्त्रीय, समकालीन और शैली-विरोधी संगीत पर वायलिन वादक, संगीतकार और शिक्षक अंबी सुब्रमण्यम, शेखर रवजियानी, विशाल-शेखर, अयान अली बंगश, लेखक और क्यूरेटर साधना राव के साथ बातचीत करेंगे।
हिंदी आज एक नई 'कूल' भाषा बन गई है, खासकर मिलेनियल्स के बीच। यूट्यूब, पॉडकास्ट चैनल और इंस्टाग्राम जैसे नए डिजिटल मीडिया ने उन लोगों को एक मंच दिया है जो न केवल भाषा से प्यार करते हुए बड़े हुए हैं, बल्कि इसके माध्यम से अपनी रोटी और मक्खन भी कमाया है। यह रचनात्मक अभिव्यक्ति का पसंदीदा तरीका बन गया है। क्या है इस बदलाव के पीछे की कहानी और आगे की राह क्या है? प्रकाशक और संपादक अदिति माहेश्वरी-गोयल के साथ लेखक निशांत जैन और दिव्य प्रकाश दुबे इस पर चर्चा करेंगे।

आठवें दिन क्या रहा खास
फेस्टिवल में शुक्रवार को यानी आठवें दिन कई खास कार्यक्रम हुए। शुक्रवार को लेखक अनिरुद्ध कनिसेटी ने समीक्षकों द्वारा प्रशंसित लेखक और इतिहासकार मनु एस पिल्लई के साथ अपनी पुस्तक लॉर्ड्स ऑफ द डेक्कन: सदर्न इंडिया फ्रॉम द चालुक्यस टू द चोल पर चर्चा की। यह पुस्तक मध्यकालीन दक्षिण भारत के उनके विचारशील और व्यापक अध्ययन और समकालीन राजनीति और संस्कृति पर इसके प्रभाव पर है।
पंजीकरण और अधिक जानकारी के लिए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की वेबसाइट देखें।












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