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Phalodi Satta: पैसा, राजनीति और फलोदी सट्टा बाजार

Phalodi Satta: कायदे से तो सट्टा अवैध है और एक गैरकानूनी खेल है, और इसी कारण उसे कोई बहुत सम्मानित नजरिये से नहीं देखा जाता। मगर बात चुनाव की हो और मामला नतीजों को परखने का हो, तो कानून बनानेवाले ही सट्टेबाजों पर भरोसा भी करते हैं, उनके आकलन को तरजीह भी देते हैं और उसके अनुरूप लोग अपनी धारणा भी व्यक्त करते हैं। खासकर फलोदी सट्टा बाजार के आकलन में देश रुचि लेता है, भले ही सट्टे पर देश भरोसा नहीं करता। जब बात चुनावों की हो तो करोड़ों, अरबों रुपए के सट्टे लगते हैं और कई बार सट्टेबाज अपनी सफलता के लिए माहौल भी बना देते हैं।

चुनाव शुरु होने से पहले अशोक गहलोत ने जो नये जिले बनाये थे उसमें जोधपुर जिले का हिस्सा रहे फलोदी का नाम भी था। लेकिन फलोदी के सट्टा बाजार की अपनी कहानी है। कहते हैं कि सट्टेबाज जमीनी हकीकत के आधार पर दांव लगाते हैं। फिलहाल सट्टा बाजार ने ऐलान कर दिया है कि राजस्थान से कांग्रेस की सरकार जा रही है और बीजेपी पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ रही है।

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चुनाव भले ही देश के 5 प्रदेशों में हो रहे हैं, मगर राजस्थान पर सबकी निगाहें हैं। इसका मतलब केवल इस वजह से है क्योंकि चुनाव शुरू होने के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यह अवधारणा स्थापित करने में सफलता की ओर बढ़ रहे थे कि इस चुनाव में 'एक बार कांग्रेस, एक बार बीजेपी' वाली परंपरा टूटेगी और कांग्रेस की सरकार सत्ता में फिर से आएगी। इस धारणा के स्थापित हो जाने की मजबूती यह रही कि कांग्रेस की राजनीति और खासकर प्रदेश में गहलोत के धुर विरोधी सचिन पायलट भी यही राग आलाप रहे हैं कि इस बार परंपरा टूटेगी और कांग्रेस फिर से पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। मगर, फलोदी के सट्टा बाजार का ताजा आकलन कांग्रेस को डरा रहा है।

बहरहाल, सट्टा किसी को डराता है, किसी को लुभाता है तो कईयों का भरोसा भी जीतता है। इसीलिए राजनीति ने बरसों से बहुत ही चालाकी के साथ अपने समर्थन में इसको भुनाना शुरू किया तो फिर सट्टे का यही आकलन हर चुनाव में एक ट्रेंड भी बन गया। फिर बात फलोदी के सट्टा बाजार के आकलन की हो तो उसके गणित पर तो हर कोई भरोसा करने लगा है। राजनीतिक पार्टियां फलोदी के सट्टा बाजार के आकलन का इसीलिए अपने समर्थन में उपयोग करती रही हैं। वर्तमान में बीजेपी फलोदी के सट्टा बाजार के इस आंकलन का अपने समर्थन में जमकर उपयोग कर रही है, तो कांग्रेस इसे पूरी तरह से खारिज कर रही है।

राजस्थान में चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है। बस एक दिन बाद मतदाता लाइन में लगकर आनेवाली सरकार का रास्ता तैयार कर रहे होंगे। ऐसे में फलोदी सट्‌टा बाजार के ताजा आंकलन के मुताबिक बीजेपी को 130 से 132 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस 65 सीटों के ऊपर नहीं जा रही है। फलोदी सट्टा बाजार में इससे पहले बीजेपी का जो रेट 22 से 25 पैसे चल रहा था अब वो घटकर 18-20 पैसे हो गया। इसी तरह पहले जहां बीजेपी को 115 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा था अब वह बढ़कर 130-132 सीट पर पहुंच गया है।

सट्टा बाजार ने पहले ही कांग्रेस को 60-62 सीटें मिलने का अनुमान जताया था वो अब इतने के आसपास ही है। फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार करीब 15 से ज्यादा मंत्री चुनाव हार रहे हैं और 10 मंत्रियों की हार जीत बराबरी के आंकड़े में फंसी हुई है। अब तक का इतिहास देखें तो फलौदी सट्टा बाजार का अनुमान 20 परसेंट गलत जाता है जबकि 80 परसेंट तक सही भी होता है।

सट्टा बाजार में जिसका भाव कम होता है, उसका पलड़ा भारी माना जाता है और जिसका भाव जितना ज्यादा होता है, उसकी हालत उतनी ही पतली मानी जाती है। कहते हैं कि सट्टा बाजार डराता उसे है, जिसके पास खोने को बहुत कुछ होता है, लुभाता उसे है जिसको पाने की लालसा है और उकसाता उसे है जो मझधार में है। चल रही धारणा के बहाव में अटककर उसी के अनुरूप वोट देकर विजेता के समर्थन में खड़ा होता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इसी कारण निराशा का माहौल है, जबकि बीजेपी के कार्यकर्ता जोश में हैं और फ्लोटिंग वोटर्स बीजेपी के साथ बहने को बेताब हैं। इसी वजह से कांग्रेस सट्टे के आकलन से डर रही है, तो बीजेपी समर्थक बम-बम कर रहे हैं।

हालांकि, शुरुआत में फलोदी सट्टा बाजार के आंकलन में कांग्रेस को 85 सीटें मिलती दिखाई जा रही थी और बीजेपी 95 के आसपास थीं। तब कांग्रेसियों के चेहरे चमक रहे थे और चुनाव आते आते बीजेपी के और नीचे उतरने की उम्मीद कर रहे थे। मगर अब बीजेपी को 130 और कांग्रेस को केवल 60-62 सीटें बताकर बीजेपी के सरकार में आने की संभावना प्रबल बताई जा रही है, तो कांग्रेस की मुश्किल यह है कि वह इस जनधारणा को बदल नहीं सकती। फ्लोटिंग वोटर तो धारणा के साथ बहने को बेताब होते हैं।

राजनीति अपने खिलाफ आकलन के मामले में फलोदी के सट्टा बाजार से सदा डरती रही है। खास बात यह है कि फलोदी के सटोरिये देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर की राजनीतिक गतिविधियों और विभिन्न खेलों के आयोजनों के साथ साथ बारिश के अनुमान भी सही लगा लेते हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 25 नवंबर को है और परिणाम 3 दिसंबर को आयेगा। ऐसे में अब सभी को फलोदी सट्टा बाजार की रिपोर्ट के सही या गलत साबित होने का इंतजार रहेगा।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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