OTT Ban: अश्लील कन्टेन्ट प्रसारण पर लगी लगाम, लेकिन बनाने वाले बेलगाम
OTT Ban: फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म अब ऐसे अश्लील वीडियो और ऑडियो कहानियों का सबसे बड़ा घर बन गए हैं। उसी तरह कई सारे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और ऐप अस्तित्व में आए हैं, जो सब्सक्रिप्शन मॉडल पर पैसे लेकर हर तरह की अश्वील सामग्री परोस रहे हैं।
ऐसे समय में यह पहली बार है कि केन्द्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इतना बड़ा एक्शन अश्लील सामग्री प्रसारित करने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और ऐप्स पर लिया है। सरकार द्वारा 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, 19 वेबसाइट्स, 10 ऐप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अनुराग ठाकुर की अगुवाई में सूचना प्रसारण मंत्रालय देश के खिलाफ गलत सूचनाएं फैलाने वाले और देश विरोधी कंटेंट बनाने वाले यूट्यूब चैनल्स और वेबसाइट्स पर लगातार ब्लॉक करने की कार्यवाही करता आ रहा है। समय समय पर उस एक्शन की खबरें मीडिया में आती रही हैं। लेकिन अश्लील कंटेंट को लेकर इतना बड़ा एक्शन पहली बार लिया गया है।
समय-समय पर धार्मिक मामलों में आपत्तिजनक सीन्स, डायलॉग्स आदि को लेकर सख्ती बरती जाती रही है। एकता कपूर की एक फिल्म से भी सैनिकों की आपत्ति के बाद बदलाव किए गए थे। लेकिन पिछले कुछ सालों में जिस तरह से कहानी के फॉर्म में शॉर्ट फिल्में बनाकर, अश्लील ऑडियो स्टोरीज बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और दोयम दर्जे के ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देखने-सुनने को मिल रही थीं, उससे लगने लगा था कि अब अति हो गई है।
ऐसे में जब शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की गिरफ्तारी हुई और फिर जब वजह सामने आई तो लोग चौंक गए। जो अभी तक इस तरह की फिल्मों से अनजान थे, उनको भी पता चल गया कि ये बिजनेस बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि जब इस प्रतिबंध की खबर आई तो सबसे पहले स्वागत का ट्वीट करने वाले राज कुंद्रा ही थे। वो लगातार ये दावा करते रहे हैं कि वो इन सबमें शामिल नहीं थे, इसलिए अपनी बेगुनाही के लिए एक मूवी भी बना चुके हैं, जिसमें उनकी खुद की कहानी है।
जिन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनके नाम आम लोगों ने शायद ही सुने हों, क्योंकि उन्हें कोई घर के टीवी पर नहीं देखता। उनके सब्सक्राइबर ज्यादातर मोबाइल या लैपटॉप पर ही होते हैं। इन सबके नाम हैं, ड्रीम फिल्म्स, वूवी, येस्समा, अनकट अड्डा, ट्राई फ्लिक्स, एक्स प्राइम, नियॉन, एक्स वीआईपी, बेशर्म्स, हंटर्स, रैबिट, एक्स्ट्रामूड, न्यूफ्लिक्स, मूड एक्स, मॉजफ्लिक्स, हॉट शॉट वीआईपी, फुगी, चिकूफ्लिक्स और प्राइम प्ले। ऐसे एप्प अगर किसी मित्र या परिचित के मोबाइल में आपने देखे होंगे, तो अब मतलब भी समझ आ गया होगा।
हालांकि लोगों को उम्मीद थी कि उल्लू टीवी पर भी प्रतिबंध लगा होगा, लेकिन पता नहीं किस तरह उल्लू टीवी ने खुद को बचा लिया है, जबकि उसकी क्लिप्स सबसे ज्यादा सोशल मीडिया और ह्वाट्स एप पर शेयर होती रही हैं। हो सकता है, इन सभी अश्लील सामग्री वाले एप्स पर प्रतिबंध के बाद उसका भी नंबर लगने वाला हो।
इन प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत लिया गया है। इस फैसले में कई और विभागों-मंत्रालयों से भी राय ली गई है। विभागों-मंत्रालयों का मानना है कि ये प्लेटफॉर्म्स बच्चों पर गलत प्रभाव डालते हैं। ऐसे में इन्हें हटाया जाना जरूरी था। कई बार दी गई वॉर्निंग के बाद भी इन प्लेटफॉर्म्स ने आपत्तिजनक क्लिप्स नहीं हटाए। इसी वजह से अब इन्हें पूर्ण रूप से बैन किया गया है।
सरकार ने 12 फेसबुक एकाउंट्स, 17 इंस्टाग्राम एकाउंट्स, 16 एक्स एकाउंट्स और 12 यूट्यूब एकाउंट्स को भी बैन किया है, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इस तरह के कंटेंट में एक और दिक्कत है। सामाजिक रूप से जिन रिश्तों का समाज में आदर होता है, ये अश्लील कंटेंट बनाने वाले अपने ज्यादा हिट्स पाने के लिए उन्हीं के बीच अवैध रिश्ते दिखाते हैं। इससे युवाओं के मन मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है।
जानकार मानते हैं कि सरकार का यह कदम सख्त संदेश देने वाला है, महत्वपूर्ण भी है लेकिन इससे ये अश्लील वीडियो कंटेंट का सिलसिला थमने वाला नहीं है। उसकी वजह है कड़ी सजा का प्रावधान ना होना और कंटेंट का नुकसान ना होना। इतने एकाउंट्स पर प्रतिबंध के बावजूद इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कुछ एकाउंट्स अभी भी चालू हैं। यानी सारा कंटेंट वो फिर से डाउनलोड कर सकते हैं। जैसे 'बेशर्म्स' ओटीटी का इंस्टाग्राम एकाउंट अभी भी खुल रहा है। गूगल प्ले पर इसका ऐप अभी भी उपलब्ध है।
इतना ही नहीं इस ओटीटी के कंटेंट का मायाजाल देखिए। कई भाषाओं में ये अपने कंटेंट को डब करके शेयर कर रहे हैं। 'बेशर्म्स' के ये सारे अश्लील कन्टेन्ट वाले वीडियोज आप यूट्यूब चैनल बेशर्म्स रीजनल पर देख सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं।
इसी तरह न्यूफ्लिक्स ने तो दुनियाभर में फिल्मों के लिए मशहूर आईएमडीबी जैसी प्रतिष्ठित वेबसाइट पर अपना एकाउंट बना लिया है और आप यहां उनकी सारी फिल्मों के अश्लील फोटोज देख सकते हैं। सरकार ने हालिया आदेश में इस ओटीटी पर भी बैन लगा दिया है।
इन अश्लील शॉर्ट फिल्मों में आपको टीवी जगत के कई पुराने चेहरे दिख जाएंगे। शायद काम ना मिलना उनकी मजबूरी रही होगी, या ये लोग काफी पैसा दे रहे हैं। इनका रेवेन्यू मॉडल केवल सब्सस्क्रिप्शन ही नहीं, बल्कि इंटरनेट कम्पनियों से डाटा खर्च पर मिलने वाला पैसा भी है, क्योंकि बड़े ब्रांड तो इन्हें एड देते ही नहीं। हालांकि लिंग बड़ा करने जैसी निजी समस्याएं सुलझाने वाले सैक्सोलॉजिस्ट जरूर एड देते हैं।
कुछ इंटरनेशनल एप भी हैं, जिन पर अब भारत की पूनम पांडेय और शर्लिन चोपड़ा जैसी बोल्ड मॉडल्स दिखने लगी हैं। सनी लियोनी की तरह इनके भी पोर्न क्लिप्स इन सब्सक्रिप्शन ऐप्स के जरिए एक्स (ट्विटर) आदि पर शेयर होने लगे हैं। फेसबुक, एक्स, इंस्टा भी तमाम तकनीकी इस्तेमाल का दावा करते हुए पोर्न से मुक्ति की बातें करते हैं, लेकिन बावजूद इनसे बड़ा अश्लीलता का कोई अड्डा नहीं है। इन शॉर्ट अश्लील फिल्मों पर मिलने वाले हिट्स से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
ऐसे में अगर सूचना प्रसारण मंत्रालय इतने सख्त संदेश के साथ आगे आया है, तो उसे यही मिजाज कायम रखने होंगे, तभी अश्लीलता के इस धंधे पर लगाम लगाई जा सकती है। वरना समाज के ताने बाने को तोड़ने की साजिश में लगे लोग इस तरह का अश्लील कंटेंट बनाते रहेंगे और उसे प्रसारित करने के अन्य माध्यम खोजते रहेंगे।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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