पुलवामा अटैक पर सवाल-जवाब के निहितार्थ

नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद अब देश में सियासत भी शुरू हो गई है। हो भी क्यों नहीं। घटना के बाद राजनीति न करने की बात कहकर जब सत्तापक्ष खुद इस कुत्सित कार्य में लिप्त हो जाए तो विपक्ष को भी अपना राजनीतिक वजूद बचाने के लिए आगे आना ही पड़ता है। सो, इसी तरह के कुछ हालात देश में बनते दिख रहे हैं। घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया था कि इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं करनी है और उनकी पार्टी पूरी तरह से सरकार के साथ है। शायद सरकार भी विपक्ष के इस बड़े फैसले से आत्ममुग्ध थी। फलतः उसने सर्वदलीय बैठक बुला ली। पर, अफसोस तो तब हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद उस बैठक से नदारद रहे। बैठक की अध्यक्षता गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की। खैर, ये बात तो आई, गई, हो गई। अब कांग्रेस ने कुछ सवाल उठाए हैं, जिसका जवाब भी भाजपा की ओर से दिया गया है।

पुलवामा अटैक पर सवाल-जवाब के निहितार्थ

सवाल और जवाब के गहन अध्ययन के बावजूद एक तो यह समझ में नहीं आया कि इसके निहितार्थ क्या हैं और दूसरे सवाल और जवाब में तालमेल का भी घोर अभाव दिखा। यूं कहें कि कांग्रेस के हमले के बाद भाजपा सकते में है और वह किसी तरह से घिसा-पीटा जवाब देकर अपना पिंड छुड़ाना चाहती है। जबकि यह संभव नहीं है। देश देख रहा है। देश के लोग उस घटना के बाद रो रहे हैं। किन्तु कुछ नेता इस पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे। यह बेहद अफसोसजनक है।

पुलवामा हमले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा है कि सीआरपीएफ़ जवानों पर हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी जिम कॉर्बेट गए और एक प्रचार फ़िल्म की शूटिंग में व्यस्त थे। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आतंकी हमले के बाद पीएम ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की, क्योंकि सरकारी पैसे से होने वाले योजनाओं का उदघाटन रुक जाता। पूरे देश के चूल्हे शोक में बुझे थे और घटना के दिन प्रधानमंत्री चाय का आनंद ले रहे थे। इससे ज्यादा अमानवीय व्यवहार नहीं हो सकता। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी ने तो वक़्त पर बयान भी नहीं दिया। दिनभर कॉर्बेट पार्क का भ्रमण कर रहे थे और प्रचार की शूटिंग कर रहे थे। ये मैं नहीं पत्रकार तस्वीरों के साथ लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस देश का पीएम उग्रवादी हमले के बाद चार घंटे तक शूटिंग करता है चाय नाश्ता करता है,उसके बारे में क्या कहना चाहिए। इतना ही नहीं 16 फरवरी को शहीदों के ताबूत एयरपोर्ट पर थे और वो एक घंटे देर से पहुंचे। शहीदों के जनाज़े में इनके मंत्री साक्षी महाराज वोट मांगते हैं, पर्यटन मंत्री 'सेल्फी विद डेड बॉडी' लेते हैं। इससे शर्मनाक और क्या होगा।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केन्द्र सरकार से पांच सवाल भी पूछे हैं। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री आप भारतीय सुरक्षा सलाहकार, गृह मंत्री और खुफ़िया तंत्र की विफलता की ज़िम्मेदारी स्वीकार क्यों नहीं करते? आतंकियों को विस्फोटक और लॉन्चर कैसे मिले, बाहर से देश में ये कैसे आ सकते हैं? ऐसी कार को जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर प्रवेश की अनुमति कैसे मिली? पुलवामा हमले के ठीक 48 घंटे पहले जैश-ए-मोहम्मद के एक धमकी भरा वीडियो सरकार ने क्यों नज़रंदाज किया? सीआरपीएफ और बीएसएफ़ के हवाई यात्रा के आवेदन को मोदी सरकार और गृहमंत्रालय ने क्यों ठुकरा दिया? मोदी सरकार के 56 महीनों में हमारे 488 जवान मारे गए, ऐसा क्यों हुआ? आखिर नोटबंदी का असर क्यों नहीं हुआ? सुरजेवाला के सवालों में दम हैं। इन सवालों का क्रमवद्ध ढंग से जवाब मिलना चाहिए था, लेकिन बातें हवा-हवाई कर दी गईं। सुरजेवाला ने यह भी कहा कि आज देश गहरे सदमे से गुज़र रहा है। लेकिन मोदी जी दक्षिण कोरिया सैर-सपाटे के लिए पहुंच गए। ये मोदी सरकार की गलत प्राथमिकताओं को दर्शाता है। इस हमले पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस वो पार्टी है जो सेना प्रमुख को 'गुंडा' कहती है, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगती है, पार्टी की अध्यक्षा आतंकी की मौत पर रो पड़ती हैं। ऐसी पार्टी बीजेपी को राष्ट्रभक्ति ना सिखाए।

अब सवाल यह उठता है कि रणदीप सुरजेवाला ने जिन सवालों को सामने लाया है, उसमें कितनी सच्चाई है। यदि वह थोड़ा भी सच है तो यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।कांग्रेस के सवालों पर भाजपा का जवाब भी आया है। उन जवाबों को देखकर आप खुद आकलन कीजिए कि क्या प्रश्न और उत्तर के बीच कोई तालमेल भी है या यूं ही हवा-हवाई बातें कर दी गईं। पुलवामा हमले के दौरान पीएम मोदी के शूटिंग में व्यस्त रहने के कांग्रेस के आरोप के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस आरोप का जवाब देते हुए कहा कि पीएम उस दिन रामनगर में ऑफिशियल प्रोग्राम में गए हुए थे। उस समय मौसम खराब था फिर भी पीएम ने तुरंत फ्लाइट पकड़ी और वापस आए। रवि शंकर ने कहा कि शायद कांग्रेस को पहले से मालूम था कि पुलवामा में हमला होने वाला है, लेकिन हमें तो नहीं मालूम था। उन्होंने कहा कि देश शोक में है। हमारे सारे नेता और मंत्री जवानों के अंतिम संस्कार में गए थे। पार्टी के सारे कार्यक्रम तीन दिन के लिए स्थगित कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि देश चलाना जरूरी है। आतंकवादियों को ये मैसेज न जाए कि उन्होंने देश को रोक दिया है।

रविशंकर ने कहा कि पाक पीएम और कांग्रेस प्रवक्ताओं की भाषा काफी हद एक जैसी है। उनकी बातें सुनकर पाकिस्तान बहुत खुश हो रहा होगा। क्योंकि जो सवाल वो कह रहे हैं वही कांग्रेस पूछ रही है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमारे पीएम के खिलाफ कांग्रेस द्वारा शर्मिंदगी भरे आरोप लगाए गए है। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि अगर कांग्रेस को पता था कि पुलवामा हमला होने वाला है, तो बता देते। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस और हमारी सोच में एक बुनियादी अंतर है। हम चाहते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ देश नहीं झुकना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह घटिया राजनीति नहीं करना चाहते हैं लेकिन सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का एक विडियो वायरल है। दिल्ली में जब सैनिकों के शव लाए गए थे और श्रद्धांजलि दी जा रही थी तो वह मोबाइल फोन पर कुछ कर रहे थे। हम चाहते तो इसे मुद्दा बना सकते थे। प्रसाद ने कहा कि याद करिए केदारनाथ त्रासदी आई थी, मनमोहन सरकार के समय में राहुल गांधी के लिए आईटीबीपी का टेंट खाली कराया गया था। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस और हमारी सोच में यही अंतर है।

भाजपा की तरफ से रविशंकर प्रसाद ने पुलवामा हमले पर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान अलग-थलग हो चुका है। हमने मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस हटाया, 200 फीसदी टैक्स कर दिया। कराची में सामान भरे पड़े हैं, भारत नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं कि वह सेना का मनोबल न तोड़े। घाटी के अलगाववादी नेताओं पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने कहा कि सिक्यॉरिटी वापस ली गई है तो उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ये लोग कुछ भी दबाव बना लें, अब यह वापस नहीं होगा। यह तो थे कांग्रेस के सवाल और भाजपा के जवाब। दोनों आपके सामने हैं। अब आप खुद तय कीजिए कि सवाल और जवाब के बीच कितना तालमेल है।

बहुत हद तक सवाल-जवाब में भारी अंतर दिख रहा है। पूछा कुछ और जा रहा है और जवाब कुछ और मिल रहा है। कांग्रेस कम्यूनिकेशन विभाग के सचिव विनीत पुनिया कहते हैं कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब भाजपा और केन्द्र सरकार के पास नहीं है। पुनिया ने कहा कि देश देख रहा है। देश के लोग काफी ठीक ढंग से समझ रहे हैं कि इस भाजपा सरकार में किस तरह के कामकाज हो रहे हैं। बहरहाल, देखना यह है कि पुलवामा मुद्दे पर राजनीति किस करवट बैठती है?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+