Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Dawood Ibrahim: गॉसिप मीडिया का दाऊद इब्राहिम मरता क्यों नहीं?

Dawood Ibrahim: मुंबई का माफिया डॉन दाऊद और मुंबई की ही गॉसिप मीडिया। इन दोनों का लगभग तीन दशक पुराना गठजोड़ ऐसा रहा है कि दाऊद के पाकिस्तान भाग जाने के बाद भी टूटा नहीं है। मुंबई की गॉसिप मीडिया ने अपनी खबरों में जो दाऊद इब्राहिम गढ़ा था वह एक ऐसा अलादीन था जिसके हाथ में जादुई चिराग होता था। अगर 1993 के मुंबई बम विस्फोट में उसका और उसकी गैंग का नाम न आता तो शायद आज तक गॉसिप मीडिया उसे सैन्टा क्लॉज बना चुका होता जो हर क्रिसमस को बच्चों को गिफ्ट बांटने निकल पड़ता है।

लेकिन बॉलीवुड की गॉसिप छापने से पैदा हुए गॉसिप मीडिया ने जो दाऊद गढ़ा था वह चढ़ते चढ़ते दिल्ली की नेशनल मीडिया की सीढियां चढ़ गया। खासकर मुंबई बम धमाके करवाने के बाद तो वह केन्द्रीय एजंसियों के लिए भी हिट लिस्ट में आ गया। इधर दिल्ली में उसको वापस लाने के जो राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयास हो रहे थे वो अलग लेकिन उधर मुंबई का बॉलीवुड अभी भी उसके तिलिस्म को गढ़ने में लगा हुआ था। कभी अनुराग कश्यप अपनी ब्लैक फ्राइडे के बैकग्राउण्ड में जाकर सारा दोष बाबरी मस्जिद विध्वंस के मत्थे मढ़ रहे थे तो कभी रामगोपाल वर्मा कंपनी बनाकर दाऊद जैसे कैरेक्टर की कहानी बयान कर रहे थे।

Dawood Ibrahim: Why doesnt Dawood Ibrahim of gossip media die?

दाऊद इब्राहिम को केन्द्र में रखकर फिल्में और भी बनी है, बनती जा रही हैं। वह शायद इसलिए क्योंकि उससे जुड़ी इतनी तिलिस्मी कहानियां गॉसिप मीडिया आम लोगों में फैला चुका है कि अब वह देशद्रोही क्रिमिनल और आतंकवादी लगता ही नहीं। उसका मीडिया वैल्यू इतना अधिक बढ़ाया गया है कि उसके बारे में छोटी से छोटी खबर भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है। शायद इसीलिए दो दिन पहले सोशल मीडिया पर तेजी से यह अफवाह फैली कि दाऊद इब्राहिम को अज्ञात लोगों ने जहर दे दिया है। वह बुरी तरह से बीमार है और कराची के एक अस्पताल में भर्ती है।

अफवाह यह भी उड़ायी गयी कि पाकिस्तान में अफरा तफरी न फैले इसलिए कराची सहित पाकिस्तान के कई हिस्सों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर अफवाह की आग जली तो हाथ सेंकने मुख्यधारा का मीडिया भी खड़ा हो गया। पता किसी को कुछ नहीं था। जो कुछ था वह अफवाह और कुछ अति उत्साही देशभक्तों की कल्पना से अधिक कुछ नहीं था। लेकिन बात दाऊद इब्राहिम से जुड़ी थी तो चर्चा हो गयी। सोशल मीडिया ने जावेद मियांदाद तक को नजरबंद करवा दिया जो कि दाऊद का समधी है।

खैर, सच्चाई क्या है कोई नहीं जानता। दाऊद के करीबी छोटा शकील के हवाले से एक मीडिया हाउस ने दावा किया है कि वह बिल्कुल फिट है। जबकि पाकिस्तान में सिन्ध से जुड़े कुछ जानकारों का कहना है कि इंटरनेट बंद किया गया पीटीआई की रैली को असफल करने के लिए। इसका दाऊद से कोई लेना देना नहीं था। वैसे भी भारत का गॉसिप मीडिया दाऊद को लेकर जितना दीवाना रहता है वैसा पाकिस्तान का मीडिया नहीं होता। पाकिस्तान प्रशासन कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं करता कि दाऊद इब्राहिम उसके यहां है। ठीक वैसे ही जैसे उसने आखिर तक अमेरिका से इस बात को स्वीकार नहीं किया कि ओसामा बिन लादेन उसके यहां रह रहा है। उलटे अमरीका के ही पैसे पर उनके साथ मिलकर ओसामा बिन लादेन को ढूंढता भी रहा।

पाकिस्तान के लिए दाऊद चाहे जो 'एसेट' हो लेकिन पाकिस्तानियों के लिए दाऊद कोई मायने नहीं रखता है। वहां के लोग उसे भी एक 'मोहाजिर' मानते हैं जो भारत से भागकर कराची में रह रहा है। अनाधिकारिक रूप से बताया यह भी जाता है कि कराची में रहता जरूर है लेकिन उसकी जिन्दगी एक गुलाम से भी बदतर है। चौबीसों घण्टे उस पर आईएसआई और पाक रेन्जर्स का पहरा रहता है। न वह अपनी मर्जी से कहीं जा सकता है और न कोई काम कर सकता है।

हां, उसकी हेल्थ से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हैं। उसका शरीर फूलकर बेडौल हो चुका है और उसे हाईपर टेन्शन, डाइबिटीज जैसी कई बीमारियां भी लग चुकी हैं। इसलिए बहुत संभावना इस बात की है कि किसी बीमारी के गंभीर होने के चलते उसे अस्पताल ले जाया गया हो जो उसकी मौत की अफवाह बनकर भारत में फैल गयी। यह भी हो सकता है कि आईएसआई द्वारा जानबूझकर भारत में ऐसी अफवाह फैलायी गयी हो और उसकी आड़ में उसने कोई 'बड़ा कांड' कर दिया हो।

फिर भी यह कोई पहला मौका नहीं है जब सोशल मीडिया ने दाऊद की मौत का जश्न मनाया है। इसके पहले गॉसिप मीडिया कई बार उसकी गंभीर बीमारी, फरारी और मौत तक की अफवाहें उड़ाकर सनसनी फैला चुका है। गॉसिप मीडिया का दाऊद अक्सर मरता ही रहता है लेकिन असल दुनिया का दाऊद कहां है, किस हाल में है इसे दावे से कोई नहीं कह सकता। कुछ साल पहले उसकी एक फोटो जरूर सामने आयी थी जिसमें वह मोटा थुलथुल शरीर वाला बिना दाढी मूंछ का बुजुर्ग दिख रहा था। लेकिन गॉसिप मीडिया को उस बूढ़े दाऊद से कोई लेना देना नहीं है। उसे जिस बॉलीवुड स्टाइल के दाऊद से लेना देना है आज भी उसी फोटो का इस्तेमाल करते हैं जिसमें वह काला चश्मा लगाये किसी फिल्मी स्टार जैसा दिखता है।

दरअसल भारत की गॉसिप मीडिया ने अपनी कल्पनाओं का एक दाऊद इब्राहिम गढ़ लिया है जो शायद कभी मरेगा भी नहीं। किसी दिन वह मर भी गया तो भी गॉसिप मीडिया अपने किस्सों कहानियों में उसे जिन्दा रखेगा। जहां तक अति उत्साही देशभक्तों का सवाल है तो उनके उमंग का ज्वार देश के दु़श्मनों की मौत से बल्लियों उछाल मारता है। ऐसा न हो तो वो कल्पनाओं में ऐसा करके अपने मन की उछाल मार लेते हैं जैसे इन दिनों पाकिस्तान में मारे जाने वाले हर संदिग्ध आतंकी के पीछे अदृश्य हमलावरों को भारत से जोड़कर खुश हो रहे हैं।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+