TMC के कार्यकर्ता बंगाल से बसों में भरकर क्यों आ रहे हैं दिल्ली, जानिए इसके पीछे की राजनीति?
केंद्र द्वारा मनरेगा फंड को कथित तौर पर रोके जाने के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विरोध प्रदर्शन से पहले, पार्टी ने 'दिल्ली चलो' विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए 4,000 टीएमसी कार्यकर्ताओं को बस से दिल्ली भेजने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगी, क्योंकि हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा के दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लगने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें 10 दिनों के आराम की सलाह दी है। हालांकि, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे, जिसके लिए वह दोपहर 3 बजे राष्ट्रीय राजधानी के लिए उड़ान भरेंगे।

टीएमसी का आरोप
पार्टी ने बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और ग्रामीण आवास योजना के तहत बंगाल का 15,000 करोड़ रुपये का बकाया रोकने का आरोप लगाया है।
इस बीच, टीएमसी सांसद सुस्मिता देव ने पश्चिम बंगाल से मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को दिल्ली पहुंचने के लिए विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने से इनकार करने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि वे लड़ाई के लिए तैयार हैं। पार्टी नेता सुस्मिता देव ने कहा कि बीजेपी ने व्यावहारिक रूप से बंगाल के उन लोगों के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी है जो 2 और 3 अक्टूबर को केंद्र सरकार से अपने उचित बकाया के लिए विरोध करने के लिए दिल्ली आना चाहते हैं।
सबसे पहले, उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय बुलाया। अब, चूंकि वह दिल्ली आने के लिए दृढ़ हैं, उन्होंने बंगाल के लोगों को दिल्ली पहुँचने के लिए विशेष रेलगाड़ियां देने से इनकार कर दिया है। बंगाल के लोगों ने बसों में चढ़कर और सड़क मार्ग से आकर इस चुनौती का सामना किया है। उन्हें बहुत लंबा समय लगेगा लेकिन वे लड़ाई के लिए तैयार हैं।
'PIL अब पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन हो गया'
वहीं, TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो बात-बात पर हाईकोर्ट में PIL दायर करते हैं, PIL आज पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन नहीं बल्कि पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन हो गया है, मैं उनसे पूछता हूं कि 100 दिन के काम का जो पैसा नहीं मिला है, वह पैसा 2 साल से क्यों बंद है? और अब तक क्यों नहीं मिला है उसे लेकर कोई PIL दायर क्यों नहीं होती?
टीएमसी नेताओं ने बीजेपी को घेरा
पश्चिम बंगाल सरकार में शहरी विकास और नगरपालिका मामले के मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में हम दिल्ली जा रहे हैं, यह पैसे(100 दिन रोजगार) गरीब लोगों के हैं, उनके पैसे नहीं देकर उनके साथ अन्याय किया गया है। उन्हें(केंद्र सरकार) इनकी बकाया राशि देनी होगी।
टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो कहते हैं कि कल अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आप (केंद्र) हम पर कई आरोप लगा सकते हैं, लेकिन आपको पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए। यह बहुत अच्छी बात है कि सभी टीएमसी नेताओं ने जाने का फैसला किया है दिल्ली जाएं और इस मुद्दे को उठाएं।
झारखंड में दुर्घटना में कई टीएमसी कार्यकर्ता घायल
उधर, पश्चिम बंगाल से दिल्ली ले जा रही 49 बसों में से एक रविवार को झारखंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे कई तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए। बस राजमार्ग के पीछे एक खेत में जा गिरी, जिससे कुछ यात्री मामूली रूप से घायल हो गए। पार्टी के एक नेता ने कहा कि सभी को चिकित्सा उपचार के लिए पश्चिम बंगाल के पुरुलिया शहर में वापस लाया गया है।












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