बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में CBI ने चार्जशीट में पार्थ चटर्जी को बनाया आरोपी
नई दिल्ली, 30 सितंबर: ममता सरकार में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में सीबीआई ने 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन 16 लोगों में एक नाम पार्थ चटर्जी का भी है। शिक्षक घोटाला मामले में पार्थ चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय ने जुलाई में गिरफ्तार किया था। जब उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कई आवासों से लगभग 50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे।

गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया था। वह वाणिज्य और उद्योग सहित कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इतना ही नहीं पार्थ चटर्जी को तृणमूल कांग्रेस से भी निलंबित कर दिया गया था।
ईडी द्वारा पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार करने के कुछ हफ्तों बाद सितंबर में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एसएससी घोटाले में बंगाल के पूर्व मंत्री को हिरासत में ले लिया था। 2014 में हुए इस घोटाले के समय पार्थ चटर्जी ममता सरकार में शिक्षा मंत्री थे।
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सीबीआई पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में ग्रुप-सी और डी स्टाफ के साथ-साथ शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
पार्थ चटर्जी ने जमानत याचिका दायर की है लेकिन सीबीआई की एक विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते उनकी याचिका खारिज कर दी थी। उन्हें 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
ईडी के सूत्रों के मुताबिक, पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी से लगातार पूछताछ चल रही है। पूर्व शिक्षा मंत्री के खाते में उनकी संपत्ति का हर दिन हिसाब किताब लिया जा रहा है। सीबीआई का कहना है कि यह आंकड़ा 150 करोड़ के भी पार जा सकता है। वहीं, हिरासत में अर्पिता मुखर्जी से भी लगातार पूछताछ चल रही है।












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