ममता ने केंद्रीय बजट को राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण और गरीब विरोधी बताया
Mamata Banerjee on Budget 2024: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे "गरीब विरोधी और राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण" बताया।
उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के हितों की अनदेखी करने और जनता के कल्याण की तुलना में एनडीए सहयोगियों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया जाता रहा तो बंगाल के लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने राज्य विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा, "केंद्रीय बजट में बंगाल को पूरी तरह से वंचित रखा गया है, जिसमें गरीबों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। बजट दिशाहीन है। यह केवल एक राजनीतिक मिशन की पूर्ति के लिए है। मुझे इसमें कोई उम्मीद नहीं दिखती।"
बनर्जी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में भाजपा के सहयोगियों की मंत्री पद के बदले कथित तौर पर वित्तीय लाभ स्वीकार करने के लिए आलोचना की। उन्होंने सवाल किया, "मैंने कभी ऐसी सरकार नहीं देखी जो वित्तीय सहायता दे रही हो और मंत्री पद (सहयोगियों को) या स्पीकर का पद न दे रही हो। मैं सरकार को दोष नहीं देती, उन्होंने (एनडीए सहयोगियों ने) इसे क्यों स्वीकार किया?"
मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश और बिहार को दिए गए वित्तीय पैकेज पर असंतोष व्यक्त किया जबकि बंगाल को इससे बाहर रखा गया। उन्होंने कहा, "मुझे इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि (केंद्र ने) आंध्र और बिहार को वित्तीय पैकेज दिया है। लेकिन कानून भेदभावपूर्ण नहीं हो सकता।"
मनरेगा योजना बकाया
बनर्जी ने केंद्र पर मनरेगा योजनाओं के तहत धन रोकने का आरोप लगाते हुए कहा, "मनरेगा योजना के तहत हमारे बकाए का भुगतान करने का कोई उल्लेख नहीं है। केंद्र से राज्य का कुल बकाया 1.71 लाख करोड़ रुपये है।" उन्होंने बांग्लादेश के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण बंगाल के सामरिक महत्व पर जोर दिया। न्होंने यह भी कहा कि बंगाल में चक्रवात और बाढ़ का खतरा बना रहता है, लेकिन केंद्र सरकार ने बाढ़ राहत या पुनर्निर्माण पैकेज नहीं दिया।
(यह खबर PTI से है)












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