RG Kar Rape Case: आंदोलित डॉक्टरों की शर्तों को ममता सरकार ने किया खारिज, अबतक की बड़ी अपडेट
पश्चिम बंगाल सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की मांग को खारिज कर दिया है। दरअसल पिछले एक महीने से आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के विरोध में डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों की मांग है कि डॉक्टरों के प्रदर्शन को खत्म करने के लिए सरकार से होने वाली बातचीत के दौरान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद रहें और डॉक्टरों की मुलाकात का लाइव टेलीकास्ट किया जाए। लेकिन सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया है।
कोलकाता में डॉक्टर पिछले 33 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टर स्वास्थ्य भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं, इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इन डॉक्टरों से बातचीत की मंशा जाहिर की है।

स्वास्थ्य मंत्री के दावे को किया खारिज
लेकिन इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी इशारा किया है कि इस प्रदर्शन को राजनीतिक ताकतें प्रभावित कर रही हैं। हालांकि डॉक्टरों ने इन दावों का तुरंत खंडन किया और उन्हें निराधार बताया और अपनी मांगें पूरी होने तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने की कसम खाई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करें
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से अपील की है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें और काम पर वापस लौट जाएं। हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि सरकार इन प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी, जो कोर्ट आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं।
बंगाल सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया
बंगाल सरकार ने बुधवार को शाम 6 बजे राज्य सचिवालय नबन्ना में प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को बैठक के लिए आमंत्रित किया, लेकिन यह पुष्टि नहीं की कि ममता बनर्जी इसमें शामिल होंगी या नहीं। मुख्य सचिव मनोज पंत ने एक ईमेल में डॉक्टरों से एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का आग्रह किया।
साथ ही मनोज पंत ने डॉक्टरों से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मंगलवार शाम 5 बजे तक ड्यूटी पर लौटने को कहा था। इस निमंत्रण के बावजूद जूनियर डॉक्टरों ने बैठक के लिए सहमत होने से पहले कई पूर्व शर्तों पर जोर दिया।
जूनियर डॉक्टरों के फोरम के एक सदस्य ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम चाहते हैं कि चर्चा सीएम की मौजूदगी में हो और इसका सीधा प्रसारण हो।
हम कम से कम 30 प्रतिनिधि चाहते हैं क्योंकि यह आंदोलन विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में फैला हुआ है।" हालांकि, सरकार अपने रुख पर अड़ी रही और बैठक के लिए किसी भी पूर्व शर्त को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
टीएमसी भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी में
तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि वे भी जवाबी विरोध प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि डॉक्टरों के आंदोलन के कारण लोग परेशान हैं। टीएमसी नेता चंदन मुखोपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के काम पर लौटने के निर्देश की अवहेलना करने के लिए आंदोलनकारी चिकित्सकों की आलोचना की और उन्हें "राष्ट्र-विरोधी" करार दिया।
टीएमसी के नेता कुणाल घोष ने कहा कि न्याय की मांग जायज है और "हम चाहते हैं कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अपनी जांच पूरी करे और दोषियों को मौत की सजा मिले।"
सीबीआई की पूछताछ जारी
बुधवार को सीबीआई अधिकारियों ने आरजी कर अस्पताल मामले में गिरफ्तार आरोपी संजय रॉय से एक और दौर की पूछताछ की। पूछताछ प्रेसीडेंसी सुधार गृह में की गई। इसके अलावा, सीबीआई की एक और टीम ने सुबह चार जूनियर डॉक्टरों से पूछताछ की।
बाद में, कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (उत्तर) अभिषेक गुप्ता और डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) स्पेशल के डिप्टी कमिश्नर विदित राज भुंडेश से भी इसी जांच के तहत पूछताछ की गई। एक अधिकारी ने बताया, "हमने पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की कि उन्होंने जांच कैसे की।"
भाजपा ने निकाली रैली
भाजपा के कई नेता और बुद्धिजीवियों, जिसमे भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भी शामिल थे, उन्होंने महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग करते हुए कोलकाता में एक रैली निकाली।
चक्रवर्ती और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष सरकार के नेतृत्व में, सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण की याद में इस रैली में भाग लिया।












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