Kolkata Protest: 'ममता की मौजूदगी, लाइव स्ट्रीमिंग', बंगाल सरकार के सामने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की शर्तें
Kolkata Doctor Murder Case Update: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में हुई ट्रेनी महिला डॉक्टर से कुकर्म के बाद हत्या के मामले में डॉक्टरों की इंसाफ की लड़ाई अभी भी जारी है। घटना के विरोध में डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं, और अब ममता सरकार के साथ उनकी बातचीत पर सबकी नजरें टिकी हैं।
जूनियर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल भेजकर बातचीत के लिए सहमति तो जताई, लेकिन अपनी कुछ शर्तें भी रख दी हैं। बीते दिन यानी 10 सितंबर को डॉक्टरों ने बातचीत से इनकार कर दिया था, लेकिन आज (11 सितंबर) तडके 3 बजकर 49 मिनट पर डॉक्टरों की ओर से भेजे गए ईमेल के जवाब में सरकार ने उन्हें शाम 6 बजे राज्य सचिवालय में बैठक के लिए आमंत्रित किया। अब डॉक्टरों ने अपनी नई शर्तों के साथ इस मीटिंग पर अपनी रजामंदी दी है।

मेल में बंगाल सरकार ने क्या कहा?
मुख्य सचिव मनोज पंत ने डॉक्टरों से बैठक के लिए मेल भेजा था, जिसमें कहा गया था कि डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल, जिसमें 12-15 सदस्य हों, को राज्य सचिवालय (नबान्ना) में शाम 6 बजे बातचीत के लिए बुलाया जाता है। लेकिन, डॉक्टरों ने सरकार के सामने तीन शर्तें रख दी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ममता सरकार इन शर्तों को मानती है या नहीं और बैठक कब होगी।
क्या है डॉक्टरों की शर्तें?
- 30 प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इस बैठक में मौजूद रहें।
- मीटिंग की लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाए, ताकि सबको पता चल सके कि बातचीत में क्या हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन के बाद भी जारी प्रदर्शन
डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई डेडलाइन के बाद भी अपना प्रदर्शन खत्म नहीं किया। कोर्ट ने 10 सितंबर शाम 5 बजे तक डॉक्टरों को काम पर लौटने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। ममता सरकार ने भी 10 डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल को बैठक के लिए बुलाया था, जिसे डॉक्टरों ने अस्वीकार कर दिया। टीएमसी के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टरों से मिलने के लिए तैयार थीं, लेकिन डॉक्टरों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद वे सचिवालय से चली गईं।
डॉक्टरों के आरोप और मांगें?
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें सरकार से मिले मेल में स्वास्थ्य सचिव द्वारा वार्ता के लिए बुलाया गया था, जो उन्हें अपमानजनक लगा। डॉक्टरों की मांगों हैं...
- राज्य स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक (DHE) और स्वास्थ्य सेवा निदेशक (DHS) को उनके पदों से हटाया जाए।
- कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को भी हटाने की मांग।
- राज्य की महिला स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
अब देखना ये है कि क्या ममता सरकार इन मांगों को मानती है और बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकल पाता है या नहीं।












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