संदेशखाली की घटना के बीच 'खालिस्तानी' टिप्पणी पर विवाद गहराया, अज्ञात BJP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज
Sandeshkhali Khalistani Remarks: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में हालिया घटनों को लेकर विवाद जारी है। संदेशखाली विवाद पर बीजेपी लगातार सत्तारूढ़ दल टीएमसी को घेर रही है। संदेशखाली तूल पकड़ घटना के बीच 'खालिस्तानी' टिप्पणी पर भी विवाद गरमाया हुआ है।
ऐसे में सिख पुलिस अधिकारी के खिलाफ 'खालिस्तानी' टिप्पणी को लेकर 'अज्ञात बीजेपी नेताओं' के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल संदेशखाली में तैनात IPS अफसर जसप्रीत सिंह (IPS Jaspreet Singh) ने आरोप लगाया है कि उनको भाजपा नेताओं ने खालिस्तानी कहा है।

IPS अफसर जसप्रीत सिंह को कहा खालिस्तानी
मालूम हो कि संदेशखाली कांड के खिलाफ चल रहे बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान आईपीएस अफसर जसप्रीत सिंह को कथित तौर पर खालिस्तानी कहा गया। जिसके बाद वो इससे बेहद गुस्सा नजर आए थे। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें वो प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपनी नाराजगी जता रहे हैं।
CM ममता ने शेयर किया वीडियो
यह घटना संदेशखाली में भाजपा के मार्च के दौरान हुई थी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आईपीएस अधिकारी का एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह सवाल कर रहे थे कि अगर उन्होंने पगड़ी नहीं पहनी होती तो क्या उन्हें "खालिस्तानी" कहा जाए।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार (20 फरवरी) को एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि यह भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ही थे, जिन्होंने सिख पुलिस अधिकारी के खिलाफ 'खालिस्तानी' शब्द का इस्तेमाल किया।
इन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज
एफआईआर धारा 295ए (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादा), 505(2) (वर्गों के बीच दुश्मनी, घृणा या द्वेष पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान) और 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज की गई है।
गुरमीत सिंह नाम के व्यक्ति द्वारा दायर की गई शिकायत में कहा गया है कि "अज्ञात भाजपा नेताओं/सदस्यों" ने सिख पुलिस अधिकारी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समुदायों के बीच नफरत और दुर्भावना फैलाने के लिए उन्हें 'खालिस्तानी' कहा।












Click it and Unblock the Notifications