Bengal SSC Scam: पार्थ चटर्जी और अर्पिता को नहीं मिली राहत, 3 अगस्त तक ED कस्टडी में भेजा गया
कोलकाता, 26 जुलाई: एसएससी घोटाले मामले में आरोपी मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। कोर्ट ने 3 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसी के साथ कोर्ट ने हर 48 घंटे के अंतराल में मेडिकल चेकअप के लिए भी कहा है। गौरतलब है कि ईडी ने पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी।
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भर्ती घोटाले में फंसे पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को सोमवार को पीएमएलएकोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पार्थ और अर्पिता को 3 अगस्त तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। इसी के साथ कोर्ट ने हर 48 घंटे के अंतराल में मेडिकल चेकअप के लिए भी कहा है। ईडी ने कोर्ट को बताया कि, अर्पिता ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि कैश पार्थ का है।
ईडी ने अपनी दलील में कहा है कि चटर्जी बंगाल सरकार की ओर से संचालित एसएसकेएम अस्पताल में बीमारी का बहाना बना कर भर्ती हुए थे और शनिवार को मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें दो दिनों की रिमांड पर दिए जाने के दौरान केंद्रीय एजेंसी उनसे पूछताछ नहीं कर सकी।
कोर्ट में ईडी ने कहा कि, ये गंभीर घोटाला है। इन दोनों से पूछताछ की जानी जरूरी है। इस केस में अभी करीब 22 करोड़ बरामद हो गए हैं, जबकि 100 करोड़ से ज्यादा की रिकवरी और होनी है।ईडी ने कहा था कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पार्थ चटर्जी की 'करीबी सहयोगी' अर्पिता मुखर्जी करीब 12 फर्जी कंपनियां चला रही थीं। जिसमें पार्च चटर्जी का काफी पैसा लगा हुआ था।
ईडी ने कहा कि पार्थ चटर्जी और अर्पिता चटर्जी की संयुक्त संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इस संपत्ति को पार्थ ने 2012 में खरीदा था। अर्पिता ने पूछताछ के दौरान यह भी स्वीकार किया कि नकदी पार्थ की है। इन पैसों को अर्पिता मुखर्जी से जुड़ी कंपनियों में लगाने की योजना थी।वहीं अर्पिता के वकील नीलाद्री भट्टाचार्जी ने बताया कि उन्होंने आज जमानत याचिका दायर नहीं की है। सिर्फ शॉट टर्म पीसी की मांग की है।












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