बॉयफ्रेंड से शादी करने के लिए 19 साल की युवती ने रची साजिश, विदिशा पुलिस का गुनगुन रजक मामले में बड़ा खुलासा
Vidisha News: विदिशा पुलिस ने नेहा गुनगुन उर्फ नेहा रजक के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि समाज और परिवार की नजरों में स्वयं को मृत घोषित कर अपने प्यार को पाने के लिए आरोपी युवती मुस्कान ने अपनी ही सहेली को शिकार बनाया।
आरोपी मुस्कान गुनगुन को रील बनाने के बहाने रेलवे ट्रैक पर ले गई, जहां उसने मौका देखकर अपनी ही सहेली गुनगुन की जीवन लीला को खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन कहते हैं कि मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है। दरअसल, गुनगुन को मरा हुआ समझ कर मुस्कान उसे रेलवे ट्रैक पर छोड़ गई थी, लेकिन उसकी सांसे चल रही थी और वो बच गई।

जानिए गुनगुन और मुस्कान का पूरा मामला
10 जून को तलैया मोहल्ला निवासी गुनगुन उर्फ नेहा रजक को मरणासन्न हालत में छोड़कर भागी उसकी सहेली मुस्कान राजपूत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कप्तान दीपक शुक्ला ने जानकारी देते बताया कि 10 जून को मुस्कान ने गुनगुन को रेलवे ट्रैक पर गंभीर रूप से घायल कर छोड़ दिया था, ताकि वह किसी ट्रेन की चपेट में आ जाए और उसकी मौत हो जाए। इतना ही नहीं मुस्कान ने अपना बैग, अपने नाम का सुसाइड नोट और परिवार का मोबाइल नंबर भी घायल गुनगुन के पास छोड़ दिया था। जिससे घर वालों को लगे सुसाइड मुस्कान ने किया है।

इसके बाद मुस्कान वहां से भाग गई थी और अपने बॉयफ्रेंड हरिओम के साथ रह रह थी। लेकिन जैसे ही उसे पता चला कि गुनगुन की जान बच गई और पुलिस उसे ढूंढ रही है तो वह इधर-उधर भागने लगी। मुस्कान के भागने में उसका बॉयफ्रेंड हरिओम मदद कर रहा था और पूरा खर्चा उठा रहा था। मुस्कान ने गुनगुन पर जब हमला किया था, उस वक्त हरिओम घटनास्थल पर मौजूद नहीं था, लेकिन प्लानिंग में वो भी शामिल था।

बॉयफ्रेंड ने दिया था हत्या का आइडिया
पुलिस पूछताछ में मुस्कान ने बताया कि वह हरिओम सेन से प्यार करती थी, लेकिन उसके परिवार को उनकी बातों से नाखुशी थी। उसने बताया कि वह पहले भी घर से भाग चुकी थी, और उस समय परिवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। हालांकि, दो दिन बाद वह घर वापस आ गई थी।
मुस्कान ने बताया कि एक दिन हरिओम सेन ने उसे सलाह दी कि वह अपनी जैसी कद-काठी वाली लड़की को ढूंढे, उसकी हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दे, और उसके पास एक सुसाइड नोट छोड़ दे। हरिओम के अनुसार, ऐसा करने से पहचान मिट जाएगी और परिवार उसे मरा समझकर खोजबीन नहीं करेगा। मुस्कान ने बताया कि भागने के बाद उसने हरिओम के अलावा किसी से संपर्क नहीं रखा और हरिओम द्वारा भेजे गए पैसे से ही अपना गुजारा कर रही थी।

मुस्कान पर 10 हजार रुपये का इनाम भी था घोषित
पुलिस ने बताया कि मुस्कान 25 मई को भी घर से भागी थी, लेकिन 29 तारीख को खुद व खुद वापस आ गई थी। इसके बाद उसने अपने परिवार से दूर रहने और खुद के नाम को खत्म करने के लिए बेकसूर गुनगुन रजक को अपना मोहरा बनाया, लेकिन गुनगुन बच गई। बाद में आरोपी मुस्कान लंबे समय तक दिल्ली, मथुरा, वृंदावन हरिद्वार और अन्य जगहों पर खिलाड़ी बनकर घूमती रही। जिसकी तलाश में विदिशा पुलिस भी घूमती रही। आखिरकार उसे रविवार को बीना रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा आरोपी की तलाशी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
मुस्कान की क्या प्लानिंग थी
मुस्कान की प्लानिंग गुनगुन को मारकर खुद को मृत साबित करने की थी। 10 जून को मुस्कान ने अपनी सहेली नेहा उर्फ गुनगुन को फोटो शूट के बहाने एक सुनसान जगह पर ले गई। वहाँ उसने गुनगुन पर पत्थर से हमला किया। गुनगुन बेहोश हो गई, तो मुस्कान ने उसके चेहरे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया और फिर उसे पास के रेलवे ट्रैक पर फेंक कर भाग गई। मुस्कान ने कॉलेज में गुनगुन से कपड़ों की अदला-बदली की थी और रेलवे ट्रैक पर अपना बैग छोड़ दिया, जिसमें एक सुसाइड नोट था। उसने गुनगुन के चेहरे को इस तरह से डैमेज किया कि उसकी पहचान नहीं हो सके।












Click it and Unblock the Notifications