नीरज चोपड़ा को देख मिली प्रेरणा, YOUTUBE से सीखा भाला फेंकना, किसान की बेटी ने यूं जीता गोल्ड मेडल

सिरोंज के सरकारी कॉलेज की छात्रा मोनिका धाकड़ ने नीरज चोपड़ा से प्रेरणा लेकर ना सिर्फ यूट्यूब से भाला फेंकना सीखा, बल्कि उसने राज्य स्तरीय भाला फेंक प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी जीत लिया।

विदिशा, 13 सितंबर। विदिशा के सिरोंज के रहने वाली मोनिका धाकड़ ने ऐसा कमाल कर दिखाया है। जिसे सुनकर आप भी कहेंगे कि क्या कोई यूट्यूब पर देखकर भाला फेंकना सीख सकता है? जी हा सिरोंज के सरकारी कॉलेज की छात्रा मोनिका धाकड़ ने ऐसा कर दिखाया है मोनिका ने ना सिर्फ यूट्यूब से भाला फेंकना सीखा, बल्कि उसने राज्य स्तरीय भाला फेंक प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी जीत लिया। बता दे मोनिका धाकड़ को भाला फेंकने की प्रेरणा भारत के गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से मिली हैं। मोनिका धाकड़ के बारे में विस्तार जानें..

 नीरज चोपड़ा से मिली प्रेरणा

नीरज चोपड़ा से मिली प्रेरणा

मोनिका का कहना है किजब मैंने नीरज चोपड़ा को ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल करते देखा तो इच्छा हुई कि मैं भी भाला फेकू पर कोई कोच ना होने की स्थिति में मैंने यूट्यूब का सहारा लिया। यूट्यूब पर कई सारे वीडियोस में भाला फेंकना सिखाया जाता है और खासकर मैं नीरज चोपड़ा जी के वीडियो ज्यादा देखती थी। कई घंटे मेहनत करने के बाद मैं भाला फेंकने में निपुण हुई हूं।

मोनिका ने बताया कि जब मुझे कोई कोच नहीं मिला तो मैंने यूट्यूब को ही अपना कोच बना लिया। वहीं से ट्रिक्स सीखी और प्रैक्टिस करनी शुरू की उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

यूनिवर्सिटी में हारी पर हौसला नहीं छोड़ा

यूनिवर्सिटी में हारी पर हौसला नहीं छोड़ा

मोनिका को सबसे पहले अपनी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करने का मौका मिला। लेकिन वह भाला फेंक में हार गई। इस बीच मोनिका धाकड़ को विदिशा के खेल स्टेडियम में 1 महीने की प्रैक्टिस करने का मौका मिला। यहां उसने अपने खेल को निखारा और लगातार मेहनत करती रही। जिसके फलस्वरूप उसको पहले जिला टीम में स्थान मिला उसके बाद मध्य प्रदेश की टीम में उसका चयन हुआ। गोल्ड मेडल ने हौसला बढ़ाया तो अब रायपुर में हुई एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय स्पर्धा में हिस्सा लिया।

परिवार में कोई खेल प्रेमी नहीं

परिवार में कोई खेल प्रेमी नहीं

मोनिका विदिशा के सिरोंज में स्थित सरकारी एलबीएस कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता किसान हैं वह परिवार में सबसे छोटी है। परिवार से कोई भी खेल में रुचि नहीं रखता। आम लोगों ने मोनिका से कहा कि बहुत मुश्किल खेल है, क्यों समय बर्बाद कर रही हो। लेकिन मोनिका पर जुनून सवार था और उसने हार नहीं मानी। लेकिन जब उसने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है तो,सभी ने उसकी प्रशंसा करना शुरू कर दी। मोनिका ने बताया कि परिवार में भले ही किसी को खेल पसंद नहीं, लेकिन उन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया हैं।

मेडल जीतने के बाद मोनिका का धाकड़ समाज और समाजसेवियों ने किया सम्मान

मेडल जीतने के बाद मोनिका का धाकड़ समाज और समाजसेवियों ने किया सम्मान

बता दे भोपाल के तात्या टोपे स्टेडियम में मध्य प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मोनिका धाकड़ ने गोल्ड मेडल जीता था। मोनिका धाकड़ के सिरोंज पहुंचते ही महाविद्यालय प्राचार्य डॉ लालचंद राजपूत ने उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए स्वागत किया। धाकड़ समाज के लोगों ने कहा कि मोनिका ने प्रदेश में गोल्ड जीत कर समाज का भी मान बढ़ाया है और आगे मोनिका इसी प्रकार धाकड़ समाज का नाम रोशन करती रहेगी।

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