चंदा इकट्ठा करके हुआ करोड़पति कारोबारी का अंतिम संस्कार, धरी रह गई दौलत, खत्म हुआ पूरा परिवार
Last rites of the millionaire businessman: वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी इलाके में रहने वाले करोड़पति शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी नीतू और बेटे नवनेंद्र और सुवेंद्र और बेटी गौरांगी को अपने अंतिम संस्कार के लिए रिश्तेदारों और परिचितों से चंदा इकट्ठा करना पड़ा।
चंदा इकट्ठा करने के बाद वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पांचों का अंतिम संस्कार किया गया। राजेंद्र का अंतिम संस्कार उनके भतीजे जुगनू ने किया। इस दौरान राजेंद्र के कई रिश्तेदार भी वहां पहुंचे। राजेंद्र की मां शारदा देवी दुखी दिखीं।

जिस करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी के लिए 27 साल पहले राजेंद्र ने अपने भाई और फिर अपने पिता की हत्या कर दी थी वह पूरी संपत्ति धारी की धरी रह गई। हर तरफ एक ही चर्चा थी कि करोड़ों रुपए होने के बाद भी अंतिम संस्कार के लिए लोगों को चंदा एकत्र करना पड़ा।
वाराणसी में कई जगह राजेंद्र कुमार गुप्ता के फ्लैट हैं। इसके अलावा शराब का कारोबार करने के चलते वाराणसी के कई जगहों पर शराब के ठेके भी राजेंद्र गुप्ता द्वारा चलाए जाते हैं। लेकिन बीते 5 नवंबर को राजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी नीतू तथा दो बेटे और एक बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्या के बाद करोड़पति कारोबारी राजेंद्र कुमार गुप्ता के पूरे परिवार का सफाया कर दिया गया। दावा किया जा रहा है कि यह हत्या उनके भाई के बेटे यानी उनके भतीजे ने भाड़े के शूटरों की मदद से कराई है जबकि उनकी पहली पत्नी के बेटे पर भी आरोप लग रहा है।
अंत्येष्टि के लिए भी हुई सौदेबाजी
गुरुवार को वाराणसी के शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में राजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी तथा बच्चों का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम करने में डॉक्टरों को 18 घंटे लग गए। पोस्टमार्टम किए जाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस से डेड बॉडी को घाट तक ले जाने के लिए दलालों द्वारा 30 हजार रुपए मांगे गए।
इस दौरान राजेंद्र गुप्ता के रिश्तेदारों द्वारा 15000 रुपए देने को कहा गया। बाद में दलालों ने 4000 हजार और लिए। इस तरह 19000 रुपए लेने के बाद मृतक राजेंद्र गुप्ता और उसके परिवार वालों की डेड बॉडी को बांधकर घाट तक ले जाया गया। इसके अलावा अंतिम संस्कार भी चंदा एकत्र कर किया गया।
मुंबई में पकड़े गए चार संदिग्ध
इस हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस द्वारा कुल 10 टीमें लगाई गई हैं। जिसमें छह टीमें अलग-अलग राज्यों में भेजी गई हैं और चार टीमें वाराणसी में जांच पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है की घटना वाले दिन राजेंद्र गुप्ता के घर के समीप चार संदिग्ध युवक दिखाई दिए थे।
उन चारों संदिग्धों को लोकेशन के आधार पर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम उन्हें वाराणसी लेकर आ रही है। इसके अलावा भतीजे विक्की के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। विक्की के सभी मोबाइल नंबर बंद हैं।












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