Diwali से पहले ही वाराणसी की आबोहवा पर हावी हुआ प्रदूषण, बढ़ी सांस और एलर्जी के मरीजों की संख्या, रहें सावधान
Diwali से पहले ही वाराणसी की आबोहवा खराब होने लगी है। वाराणसी में वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार बढ़ रहा है जिससे सांस और एलर्जी से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जानकारों का कहना है कि अभी ही ऐसी स्थिति है तो दिवाली पर प्रदूषण और बढ़ेगा।
वाराणसी के अधिकतर अस्पतालों में मौजूदा समय में सांस वह एलर्जी से जुड़े मरीज भी पहुंचने लगे हैं और लगातार इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है। वाराणसी के अलग-अलग इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी बदलाव देखा जा रहा है।

बीएचयू के चेस्ट रोग विभाग में प्रतिदिन करीब डेढ़ सौ से अधिक मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं जिनको सांस और एलर्जी की समस्या है। डॉक्टर का कहना है कि सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है और लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
डॉक्टर का यह भी कहना है कि प्रदूषण बढ़ने के चलते बच्चों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रदीप पांडेय द्वारा बताया गया कि रात के समय बच्चों को समस्याएं अधिक हो रही है।
अधिकतर बच्चे खांसी तथा अन्य सांसों से जुड़ी समस्याओं से ग्रसित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतर लोगों को धूल के कानों के चलते समस्या हो रही है और सांस की नालियों में सूजन भी देखी जा रही है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि यह समस्या प्रदूषण के चलते ही हो रही है।
वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉक्टर एससी शुक्ला द्वारा बताया गया कि वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिसके चलते कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बड़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि लगातार एयर क्वालिटी इंडेक्स की निगरानी की जा रही है और दिवाली तक निगरानी की जाती रहेगी।












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