इत्र कारोबारी के घर IT Raid पर भड़के राजभर, कहा- ये भाजपा की हताशा और निराशा के लक्षण
इत्र कारोबारी के घर IT Raid पर भड़के राजभर, कहा- ये भाजपा की हताशा और निराशा के लक्षण
वाराणसी, 24 दिसंबर: सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर 24 दिसंबर को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। राजभर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने विधानसभा चुनाव की तारीखों को आगे बढ़ाने के लिए कहा है। ओमप्रकाश राजभर ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन के यहां इनकम टैक्स विभाग के चल रही छापेमारी को भाजपा की हताशा बताया।
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मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जो अरबों की फैक्ट्री खोला हो, क्या उसके घर करोड़ों रुपए नही हो सकते हैं। आखिर अपने कर्मचारियों को पेमेंट वो कहां से करेगा। जब वो अपना प्रोडक्ट बेचेगा और पैसा इकठ्ठा करेगा, तभी तो सैलरी देगा। मगर बीजेपी सिर्फ सपा के घरों में ही पैसा तलाश रही। मैं कहता हूं कि जितना बड़ा घोटाला बीजेपी के विधायक और अधिकारी कर लिए, राममंदिर में इसका खुलासा हुआ। क्या वहां छापेमारी हुई?
उन्होंने कहा कि ये भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हताशा और निराशा के लक्षण हैं। जब चुनाव को एक या दो महीना रह जाते हैं तभी छापेमारी की कार्रवाई क्यों की जाती है। उस संस्था को तो हमेशा काम करना चाहिए, लेकिन यह संस्था बदनाम हो चुकी है। बंगाल में जब चुनाव आएगा तो इनकम टैक्स वहां पहुंच जाएगी। बिहार चुनाव आएगा तो वहां चले जाएंगे। जहां चुनाव आएगा वहां पहुंच जाते हैं तो यह भारतीय जनता पार्टी उस रास्ते पर जा रही है जिस रास्ते पर कभी कांग्रेस चली थी। यदि ईडी या इनकम टैक्स सही समय पर काम करते तो आज कोई उंगली नहीं उठाता। कांग्रेस ने ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया और उसकी पराजय हुई और अब बीजेपी के विदाई का समय आ गया है।
राजभर ने आगे कहा कि जितने मिनिस्टर केंद्र में हैं, इन सभी के यहां ईडी पहुंचे तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। सपा के बीजेपी पर कैंचीजीवी होने के आरोप पर पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं महोबा गया था, वहां के सर्किट हाउस में मुझसे पूर्वान्चल के कुछ लोग मिलने आये थे। उन्होंने बताया कि यहां सपा शासनकाल में एक बांध बना था जिसका उद्घाटन शिवपाल सिंह यादव ने किया था उसी का उद्घाटन दुबारा पीएम मोदी कर के गए हैं।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए राजभर ने कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते हुए मामलों को देखने के बाद और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और पीएम से चुनावी रैलियों पर रोक लगाने के लिए कहा है, लेकिन बीजेपी, पीएम और यूपी के मुख्यमंत्री को सिर्फ वोट से मतलब है। जनता मरे या कुछ हो जाए, इससे उन्हे कोई लेना देना नहीं। सुभासपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि जब यूपी की जनता कोरोना में बेड के लिए, वेंटिलेटर के लिए, ऑक्सीजन के लिए, अस्पताल में भर्ती होने के लिए तरस रही थी, तो ये दोनों नेता बंगाल में वोट मांग रहे थे। ये कोरोना में चुनाव करा लिए। जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसा कहा है तो बीजेपी को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और निर्णय लेना चाहिए।












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