सावन के आखिरी सोमवार पर Kashi Vishwanath मंदिर में रुद्राक्ष श्रृंगार, सुरक्षा को लेकर निर्देश सख्त
Kashi Vishwanath Temple: श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं को बाबा के रुद्राक्ष श्रृंगार स्वरूप के दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने श्रृंगार और दर्शन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन के लिए मंदिर परिसर से लेकर बाहरी मार्गों तक विशेष व्यवस्था की गई है। सोमवार सुबह मंगला आरती के साथ श्रृंगार दर्शन शुरू होगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और ट्रैफिक रूट डायवर्जन लागू रहेगा।

श्रावण मास के हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार होता है। अब तक के तीन सोमवार को चल प्रतिमा, गौरी-शंकर और अर्धनारीश्वर स्वरूप में श्रृंगार हो चुका है। चौथे सोमवार को रुद्राक्ष श्रृंगार होगा, जिसे विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर सतर्कता
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने घाटों और मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं और सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
घाटों पर बैरिकेडिंग कराई गई है साथ ही हर चौराहे पर पुलिस गश्त बढ़ाई गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें।
दर्शन को लेकर नो व्हीकल जोन
मंदिर पहुंचने के लिए गोदौलिया और मैदागिन से आगे नो व्हीकल ज़ोन रहेगा। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए गोल्फ कार्ट सेवा मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्व भूषण मिश्र के अनुसार, सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। चिकित्सा टीम, स्वयंसेवक, पानी और ओआरएस की व्यवस्था चौबीस घंटे चालू रहेगी।
सोमवार को मंदिर परिसर में विशेष भीड़ की संभावना
मंदिर प्रशासन ने अनुमान जताया है कि सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या पहले के मुकाबले अधिक हो सकती है। लिहाजा दर्शन व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से दर्शन की लाइव झलक भी दी जाएगी ताकि मुख्य गर्भगृह के पास भीड़ न बढ़े।












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