चीनियों को लगेगा अब 10 हजार वोल्ट का झटका, Varanasi के टीचर ने सेना के लिए ईजाद किया स्मार्ट दस्ताना
भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प को मद्देनजर रखते हुए वाराणसी के एक टीचर ने बेहद ही ख़ास स्मार्ट दस्ताना तैयार किया है। ये स्मार्ट दस्ताना जवानों को ठंड से बचाने के साथ दुश्मनों को 10000 वोल्ट का झटका भी देगा।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में हाल ही में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इस झड़प में दोनों पक्षों के कुछ सैनिकों को चोट भी आई थी। दोनों देशों के बीच मिलिट्री लेवल पर एक समझौता है। इसके तहत दोनों देशों के सैनिक एक तय दायरे में फायरिंग आर्म्स यानी रायफल या ऐसे ही किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं करते हैं। मगर चीनी सैनिकों ने कांटेदार डंडों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने भी इसी तरह के इलेक्ट्रिक बैटन और कांटेदार डंडों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। लिहाजा, अब चीन को मुंहतोड़ जवाब मिलता है।
इसी को मद्देनजर रखते हुए उत्तर प्रदेश में वाराणसी के एक टीचर ने बेहद ही ख़ास स्मार्ट दस्ताना तैयार किया है। ये स्मार्ट दस्ताना जवानों को ठंड से बचाने के साथ-साथ दुश्मनों को 10000 वोल्ट से अधिक करंट का झटका भी देगा।

चीनियों को लगेगा 10 हजार वोल्ट का झटका
दरअसल, वाराणसी के आर्यन इंटरनेशनल स्कूल के इन्नोवेशन टीचर श्याम चौरसिया ने मेरठ के एमआईईटी इंजिनियरिंग कालेज के अटल कम्युनिटी इन्नोवेशन सेंटर में देश के जवानों के लिये स्मार्ट दस्ताना तैयार किया है। ये स्मार्ट दस्ताना जवानों को ठंड से बचाने के साथ दुश्मनों को 10000 वोल्ट से अधिक करंट का झटका भी देंगा। वाराणसी के श्याम ने बताया कि उन्होंने इस दस्ताने को कुछ दिन पहले अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प को देखते हुए तैयार किया है।
उनका कहना है कि कई खुबियों से लैस स्मार्ट आर्मी दास्तांने जवानों की सुरक्षा करने में मदद करंगे। ये दस्ताने न केवल 10000 वोल्ट से अधिक करंट के झटके दें सकतें है बल्कि इन स्मार्ट दास्तांनो के माध्यम से सेना के जवान अपनी बंदूकों को 2 किलोमीटर दूर से संचालित कर सकतें है l

दस्तानों में लगा है ट्रांसमीटर, बिना बिजली के होते हैं चार्ज
यही नहीं उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इन स्मार्ट दस्तानों में ट्रांसमीटर भी लगाया गया है। दस्ताने में लगे ट्रांसमीटर का रिसिवर बंदूकों के ट्रिगर से जुडा होता है। जिसे जरुरत पड़ने पर दस्ताने में लगे ट्रांसमीटर की मदत से जवान अपनी बंदूकों के ट्रिगर को संचालित कर दुश्मनों पर दूर से गोलियाँ दाग सकतें है l साथ ही हमारे जवान अगर कहीं मुसीबत में हों या घायल स्तिथि में हो तो इन दस्तानों की मदत से अपने कंट्रोल रूम तक सुचना भी पंहुचा सकतें है l इस आर्मी दस्ताने को बिना बिजली के चार्ज किया जा सकता है l
इसे बनाने में लगभग 8500 रुपए का खर्च आया है और 4 दिनों का समय लगा है l इसे बनाने में, लेदर कपडे, कैपिसीटर, नैनों रेडियों कंट्रोल, गियर मोटर, डायनेमो 6 वोल्ट स्विच, 3.7 वोल्ट बैटरी, का इस्तेमाल किया गया है l












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