IIT BHU News: दो साल से डिप्रेशन से जूझ रहीं प्रोफेसर की पत्नी ने भवन से कूदकर दी जान, चल रहा था इलाज
IIT BHU News: वाराणसी आईआईटी बीएचयू के आवासीय परिसर में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। कंप्यूटर साइंस विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर की पत्नी ने छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय पूरा परिवार सो रहा था।
महिला की पहचान हरिता चौधरी (43) के रूप में हुई है। सुबह करीब छह बजे उन्होंने हैदराबाद कॉलोनी स्थित आवासीय इमारत की छत से छलांग लगाई। गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पड़ोसियों ने शोर सुनकर प्रोफेसर को सूचना दी।

स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही लंका थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कई सालों से जूझ रही थीं अवसाद से
परिवार के मुताबिक हरिता पिछले दो वर्षों से डिप्रेशन में थीं। उनका इलाज बीएचयू अस्पताल में चल रहा था। इलाज के बावजूद उनके व्यवहार में असामान्यताएं बनी हुई थीं। परिवार के सदस्य लगातार निगरानी में रखे हुए थे।
डॉ. चौधरी ने बताया कि कई बार पत्नी घर से निकल जाती थीं और घंटों लौटती नहीं थीं। इसको लेकर उन्होंने प्राक्टोरियल बोर्ड को भी सूचित किया था। बच्चों की देखभाल के साथ-साथ वह पत्नी के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहते थे।
बिना किसी को बताए निकल गईं बाहर
शुक्रवार सुबह जब यह घटना हुई उस समय प्रोफेसर और उनके दो बच्चे और मृतका के माता-पिता घर में सो रहे थे। हरिता बिना किसी को बताए बाहर निकल गईं और फ्लैट की विपरीत दिशा में बने हिस्से की छत पर पहुंचीं।
सुबह टहल रहे लोगों ने महिला को छत की मुंडेर पर खड़ा देखा। कुछ ही पलों में वह नीचे गिर गईं। जब तक लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचते तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही प्रोफेसर भागते हुए मौके पर पहुंचे और पत्नी को खून से लथपथ पाया।
आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा शव
आईआईटी बीएचयू प्रशासन को घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के तहत पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की सहमति से शव आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा।
डॉ. रविंद्र नाथ चौधरी मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार वहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह पिछले कुछ वर्षों से पत्नी की मानसिक स्थिति को लेकर बेहद चिंतित थे, लेकिन यह कदम अप्रत्याशित था।
रिसर्च के क्षेत्र में प्रोफेसर की पहचान
डॉ. चौधरी वर्ष 2014 से आईआईटी बीएचयू में कार्यरत हैं। वे कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में रिसर्च और शिक्षण से जुड़े हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया पर निगरानी तकनीकों को लेकर कई शोधपत्र प्रकाशित किए हैं। वर्तमान में वह सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की पहचान और रोकथाम के लिए एआई आधारित तकनीक विकसित कर रहे हैं।
डॉ. चौधरी ने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई बेंगलुरु के प्रतिष्ठित संस्थानों से की। पीएचडी उन्होंने आईआईटी मद्रास से पूरी की। 2011 से 2013 तक वह एक स्टार्टअप से जुड़े रहे, जिससे उन्हें तकनीकी और व्यवसायिक अनुभव मिला।
2013 में उन्होंने एनआईटी कर्नाटक में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम किया। इसके बाद 2014 में वह आईआईटी बीएचयू से जुड़े।












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