कभी खत्म होने की कगार पर था पुश्तैनी कारोबार, अब दुनिया में बज रहा डंका, PM Modi ने भी किया सम्मानित
वाराणसी के कठिरांव में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमूल डेयरी प्लांट का उद्घाटन करने के साथ ही जनसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी के रहने वाले पांच लोगों को सम्मानित भी किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद पांचों लोगों ने काफी खुशी जाहिर की। पांचो लोग वाराणसी के अलग-अलग इलाके के रहने वाले हैं और अलग-अलग कारोबार करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने के बाद प्रधानमंत्री के हाथों सम्मानित होने वाले पांचो लोगों से वन इंडिया रिपोर्टर ने विशेष बात की। बातचीत के दौरान उन लोगों ने बताया कि कैसे बीते कुछ सालों में उनकी जिंदगी बदल गई।
दरअसल, प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कारखियाव में जिन पांच लोगों को सम्मानित किया उनमें सभी लोग अपना पुश्तैनी कारोबार या फिर विलुप्त हो रही कलाओं को जिंदा रखने का काम किया।
वाराणसी के रामनगर इलाके के रहने वाले सिद्धार्थ मौर्य द्वारा बताया गया कि तीन पीढ़ियों से उनके यहां सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क का कार्य होता है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब यह कारोबार पूरी तरह ठप हो गया था और परिवार काफी परेशान था।
परिवार के लोग अलग-अलग काम धंधा करने लगे थे लेकिन साल 2018 में सरकार द्वारा सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क को जीआई टैग दिया गया। टैग मिलने के बाद कारोबार में बढ़ोतरी होने लगी और यह व्यवसाय एक बार फिर रफ्तार पकड़ लिया।
इसी तरह खोजवा कश्मीरी घाट की रहने वाली अमृता सिंह द्वारा बताया गया कि उनका लकड़ी का खिलौना बनाने का कारोबार है। लकड़ी के खिलौने की डिमांड पहले तो नहीं थी लेकिन जब से उसे जीआई टैग मिला उसके बाद से देश विदेश से आर्डर आ रहे हैं।
इसी तरह खजूरी के इंदिरा नगर कॉलोनी के रहने वाले श्रीकांत मिश्रा द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा हाथ से कपड़ों पर प्रिंटिंग की जाती है। ऐसी कारीगरी आपको कहीं देखने को नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि साल 2015 के पहले उनका कारोबार पूरी तरह ठीक हो गया था।
ऐसा लग रहा था कि अब उनको कोई दूसरा कारोबार करना चाहिए। परिवार के लोग भी कोई दूसरा कारोबार करने का प्लान कर रहे थे लेकिन 2015 में उनके कारोबार को जीआई टैग मिला। उसके बाद दिल्ली से लेकर कहीं राज्यों में उनको जाने का मौका मिला।
अब स्थिति ऐसी है कि कई राज्यों से उनके सामानों की डिमांड आ रही है। इसके लिए उन्होंने सरकार को बहुत धन्यवाद दिया। इसी तरह गायघाट की रहने वाली महिला सत्या सिंह गुलाबी मीनाकारी का कारोबार और वाराणसी के कोटवा इलाके के रहने वाले जलालुद्दीन अंसारी जरी जद्दोद्दी का कारोबार करते थे।
कुल मिलाकर पांचो लोगों ने कहा कि मौजूदा सरकार में उनके प्रोडक्ट को जीआई टैग मिलने के बाद उनके और उनके परिवार की जिंदगी बदल गई है। कभी ऐसा वक्त था कि सब कुछ खत्म होने के कगार पर पहुंच गया था लेकिन अभी स्थिति ऐसी आ गई है कि लोग बेरोजगार लोगों को रोजगार दे रहे हैं।












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