तस्करों के चंगुल से मुक्त हुए 16 उंटों को मिलेगी नई जिंदगी, भेजे जाएंगे राजस्थान

तस्करों के चंगुल से मुक्त हुए 16 उंटों को मिलेगी नई जिंदगी, भेजे जाएंगे राजस्थान के सिहोरी में स्थित आश्रय स्थल

वाराणसी, 8 जुलाई : वाराणसी जिले के रामनगर थाने की पुलिस द्वारा तस्करों के पास से 27 जून को बरामद किए गए 16 वोटों को अब नई जिंदगी मिलेगी। इन ऊंटों को राजस्थान के सिहोरी में स्थित आश्रय स्थल में सुरक्षित भेजा जाएगा। ऊंटों को बरामद करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एनजीओ द्वारा न्यायालय में ऊंटों को राजस्थान भेजने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-1 ने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि बरामद किए गए 16 ऊंटों को राजस्थान के सिहोरी में स्थित पीपुल फॉर एनीमल आश्रय स्थल में सुरक्षित भेजने का प्रबंध किया जाए।

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तस्करों के चंगुल से छूटने के बाद ऊंटों को रामनगर थाना क्षेत्र के हाईवे के पास स्थित घुरहा नाला के समीप के हाते में रखा गया। वाराणसी का मौसम और वातावरण उंटों के लिये अनुकूल न होने की वजह से आए दिन ऊंटों की तबीयत बिगड़ती जा रही थी। पिछले दिनों बरसात हो जाने के कारण कीचड़ के चलते भी ऊंटों की स्थिति और खराब होने लगी थी।

मालवाहक में ठूंस कर ले जाया जा रहा था पश्चिम बंगाल

बीते 27 जून को गौ-ज्ञान फाउंडेशन की मदद से रामनगर थाने की पुलिस ने एक मालवाहक से 16 उंटों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मालवाहक में उंटों को ठूस कर भरा गया था और तस्कर इन्हें पश्चिम बंगाल लेकर जा रहे थे। पकड़े गये आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गयी जबकी उंटों को हाईवे के किनारे एक हाते में रखने का प्रबंध किया गया। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि वाराणसी में ऊंटों के लिये अनुकूल मौसम और वातावरण नहीं है। इस वजह से उनकी तबीयत खराब हो रही है। समय रहते उनको कहीं उचित स्थान पर नहीं भेजा गया तो उनकी मौत भी हो सकती है। अदालत में याचिका दाखिल कर अनुरोध किया कि सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरोही स्थित पीपुल फॉर एनिमल आश्रय स्थल पहुंचाने का आदेश दिया जाए।

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वाहन स्वामी मांगा था कस्टडी जिसे अदालत ने कर दिया था खारिज

जिस वाहन में उंटों को ठूंस कर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। उस वाहन मालिक ने उंटों के कस्टडी की मांग की थी। उसने वाहन को भी रिलीज करने का अनुरोध भी किया था। उसका कहना था कि, उंटों को वह खरीद कर ले जा रहा था। वहीं अदालत ने यह कहते हुए उसके अनुरोध को खारिज कर दिया कि, मवेशियों से संबंधित कानून के अनुसार केस का निपटारा न होने तक जब्त गाड़ी और ऊंट वाहन स्वामी को नहीं सौंपे जा सकते।

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