यूपी में योगी सरकार के फैसले पर क्या है दून के व्यापारियों की राय,दुकानों में नाम लिखना क्यों जरुरी

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने प्रदेश के सभी ढ़ाबों और रेस्तरां के लिए मालिक और कर्मचारियों के नाम और पता अनिवार्य कर दिया है। यूपी सरकार के इस फैसले का उत्तराखंड के व्यापारी वर्ग भी स्वागत कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यूपी, उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश में इसे सख्ती से लागू करना चाहिए।

उत्तराखंड के व्यापारियों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से यूपी की तर्ज पर इसे प्रदेश में भी लागू करने की मांग की है।उत्तराखंड के व्यापारी वर्ग चाहते हैं कि दुकानों खासकर खाने पीने की दुकानें और सामानों पर नाम दर्ज होना आवश्यक है। जिससे लोगों में विश्वास बना रहे।

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इसके साथ ही कस्टमर को ये जानने का अधिकार है कि वह क्या और कहां खाना पसंद करता है। देहरादून के सबसे बड़े बाजार पलटन बाजार के व्यापारियों ने योगी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

खाने-पीने के सामानों पर नाम अनिवार्य हो
दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन ने कहा कि यूपी सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि दुकानों खासकर खाने-पीने के सामानों पर नाम अनिवार्य होना चाहिए।

पूरे देश में लागू हो
कहा कि जिस तरह से सोशल मीडिया में आए दिन मामले आते जा रहे हैं। जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति है, ऐसे में यूपी ही नहीं उत्तराखंड के साथ पूरे देश में इसको सख्ती से लागू करना चाहिए। जिससे आने वाले समय में लोगों का विश्वास बना रहे। पंकज का कहना है कि खाने-पीने की चीजों पर नाम दर्ज होना चाहिए कि कौन बेच रहा है।

सीएम धामी से की मांग
साथ ही ये भी अंकित हो कि क्या मिलाया गया है। साथ ही उसकी शुद्धता और सफाई का भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। यूपी के तर्ज पर ये नियम पूरे हिदूस्तान में लागू होनी चाहिए। अपनी अपनी दुकानों में अपना नाम लिखा होना अनिवार्य होना चाहिए। कहा कि खाने पीने की सामानों की नियमित जांच होनी चाहिए। साथ ही किचन, बर्तन साफ होने चाहिए। पंकज मैसोन ने कहा कि वे सीएम पुष्कर सिंह धामी से मांग करते हैं कि इसको उत्तराखंड में लागू करें।

किसी को आ​पत्ति नहीं होनी चाहिए
व्यापार मंडल के महामंत्री पंकज डीडान का कहना है कि दुकानों में नाम लिखा है तो किसी जाति या धर्म को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। कहा कि धामी सरकार भी इसे फॉलो करवाए। इससे किसी को एतराज नहीं होना चाहिए।

गलत काम करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
70 साल से सेठी फूड कॉर्नर के ओनर दिव्य सेठी का कहना है कि उनकी खाने पीने की दुकान 70 साल से सेठी फूड कॉर्नर के नाम से चल रही है। सबको अपना नाम दर्ज करना चाहिए। जिस तरह से यूपी से शिकायते आती हैं। ऐसे लोग जो गलत कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

किस किचन से खाना आ रहा,पता होना चाहिए
व्यापारी मोहित भटनागर का कहना है कि ऐसे मामलों को लेकर लोगों को जागरूक होना चाहिए। जो लोग ऑनलाइन खाना मंगा रहे हैं वे ये तो देख लें कि कौन सी दुकान से सामान आ रहा है। हमें पता होना चाहिए कि किस किचन से या कौन सी जगह से खाना लाया जा रहा है।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर पाबंदी हो
उन्होंने मांग की कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर पाबंदी होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हर दुकान पर ओनर का नाम और सेल्समेन का नाम दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पलटन बाजार में एक घटना हो चुकी है। जिससे सबको सीख लेते हुए ओनर और स्टाफ का नाम दर्ज होना चाहिए।

खाने वाले को जानकारी लेने का अधिकार
युवा व्यापारी मनन आनंद का कहना है कि जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे सबक लेना चाहिए। खाने वाले को ये अधिकार है कि उसे दुकान के स्वामी और खाने पीने के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इसे सख्ती से लागू होना चाहिए।

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