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उत्तराखंड की 70 विधानसभाओं में प्रभारियों के प्रवास के पीछे की भाजपा की क्या है रणनीति, जानिए पूरा मामला

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देहरादून, 15 अक्‍टुबर। उत्तराखंड में सत्ता वापसी के लिए सत्ताधारी भाजपा ने अब बूथ लेवर पर होमवर्क करना शुरू कर दिया है। इसके लिए स्थानीय नेताओं के अलावा सभी प्रभारियों और सह प्रभारियों को प्रवास करने के निर्देश दिए हैं। जो कि विधानसभा वार 70 सीटों पर प्रवास कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके लिए सभी की जिम्मेदारी तय की जा रही है। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह का उत्तराखंड दौरा भी अब अक्टूबर अंतिम सप्ताह में होगा। जिससे पहले प्रभा​री अपने स्तर से रिपोर्ट तैयार करेंगे।

हर समीकरण पर भाजपा की नजर

हर समीकरण पर भाजपा की नजर

भाजपा ने उत्तराखंड में केन्द्रीय मंत्री प्रह्रलाद जोशी को चुनाव प्रभारी और आरपी सिंह, लॉकेट चटर्जी को सह प्रभारी बनाया है। इसमें भी हाईकमान ने सभी समीकरणों को देखते हुए ही जिम्मेदारी सौंपी है। सह चुनाव प्रभारी आरपी सिंह सिख समुदाय से हैं। ऐसे में पार्टी आरपी सिंह को ऊधमसिंह नगर जिले में भेज रही है। आरपी सिंह 16 व 17 अक्तूबर को ऊधमसिंह नगर जिले की विधानसभाओं का दौरा करेंगे। यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने के बाद भाजपा को अब ऊधमसिंह नगर जिले में नए सिरे से जमीन तैयार करनी होगी। यशपाल आर्य का बाजपुर के अलावा तराई क्षेत्र में असर है। जो कि दलित और सिख समुदाय के क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। अब भाजपा आरपी सिंह के जरिए इन सीटों पर अपनी जमीन को मजबूत करने में जुट गई है। इसके अलावा सह चुनाव प्रभारी लॉकेट चटर्जी कुमाऊं में अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जिले व संगठन की प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा को टिहरी और पौड़ी जिले की विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगी। पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम देहरादून और हरिद्वार जिले की विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर की तैयारियों का जायजा लेंगे।

अमित शाह का दौरा आगे खिसका

अमित शाह का दौरा आगे खिसका

भाजपा गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे से पहले अपने बूथ स्तर की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। अमित शाह का 16 व 17 अक्तूबर का उत्तराखंड दौरा अब आगे खिसक गया है। अमित शाह अब 29 व 30 अक्तूबर को उत्तराखंड दौरे पर आ सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि अमित शाह का उत्तराखंड दौरा भी प्रभारियों की रिपोर्ट और यशपाल आर्य के प्रकरण के चलते पीछे खिसका है। यशपाल के कांग्रेस में जाने के बाद से भाजपा में अंदरखाने नई रणनीति तैयार हो रही है। इसके लिए संगठन पूरी तैयारियों में जुटा है। अमित शाह के आने पर बूथ और संगठन स्तर की बैठकें भी होनी है। इस बीच सभी प्रभारी उत्तराखंड दौरे पर रहकर अपनी रिपोर्ट भी तैयार करेंगे। अमित शाह के आने पर सभी पहलुओं पर बारीकी से बातचीत होगी।

अबकी बार 60 पार का नारा

अबकी बार 60 पार का नारा

भाजपा अबकी बार 60 पार का नारा दे चुकी है। इसे प्रचार-प्रसार करने के लिए पार्टी ने हर विधानसभा क्षेत्र में दीवार लेखन अभियान शुरू कर दिया है। हर बूथ पर 10 दीवारों पर लेखन होगा। इसके अलावा पार्टी 10 से 25 अक्तूबर तक हर विधानसभा क्षेत्र में प्रबुद्धजन गोष्ठी करेगी। बुद्धिजीवी नेताओं के सम्मेलन होंगे। 20 अक्तूबर से तीन नवंबर तक मेरा परिवार भाजपा परिवार अभियान चलेगा। इन अभियानों के जरिए भी भाजपा प्रबुद्धजन और गांव गांव तक पहुंचना चाहती है। जिससे दूसरे दलों से पहले अपनी बात रखी जा सके। इससे भाजपा बूथ लेवल पर अपना वोटबैंक ​पक्का करना चाहती है।

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English summary
What is the strategy of the BJP behind the migration of in-charges in 70 assemblies of Uttarakhand, know the whole matter
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