उत्तराखंड: बागेश्वर सीट पर उपचुनाव को लेकर क्या है भाजपा की रणनीति, जानिए किसको मिल सकता है टिकट
उत्तराखंड की बागेश्वर विधानसभा सीट पर 5 सितंबर को मतगणना होगी। जबकि 8 सितंबर को चुनाव परिणाम की घोषणा होगी। धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे चंदन राम दास के निधन से बागेश्वर सीट खाली हुई है।
उत्तराखंड की बागेश्वर विधानसभा सीट पर 5 सितंबर को मतगणना होगी। जबकि 8 सितंबर को चुनाव परिणाम की घोषणा होगी। धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे चंदन राम दास के निधन से बागेश्वर सीट खाली हुई है। अब भाजपा इस सीट को फिर से जीतने के लिए रणनीति में जुटी है।

इस सीट की जिम्मेदारी प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपी गई। भाजपा किसी भी चुनाव को कमजोर नहीं आंकती है। ऐसे में बागेश्वर सीट पर भी भाजपा पूरी तरह से रणनीति तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि भाजपा इस सीट पर सहानुभूति कार्ड खेल सकती है। ऐसे में स्वर्गीय चंदन राम दास के परिवार से ही किसी सदस्य को मैदान में उतारा जा सकता है।
बागेश्वर उपचुनाव, 2024 लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के लिए संजीवनी का काम कर सकती है। उपचुनाव की जीत से भाजपा और धामी सरकार के कामों पर मुहर लगेगी। इस बीच निकाय चुनावों को लेकर भी अंदरखाने तैयारियां शुरू हो गई है। जिस वजह से बागेश्वर उपचुनाव अहम हो गया है। बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस इस सीट पर अपने प्रत्याशी को खड़ा कर भाजपा को पूरी टक्कर देगी। चंदनराम दास के सामने रंजीत दास को कांग्रेस ने चुनाव लड़ाया था, माना जा रहा है कि कांग्रेस रंजीत दास पर ही दांव लगा सकती है।
बागेश्वर जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर 2022 चुनाव में भाजपा ने कब्जा किया था। बागेश्वर सुरक्षित सीट से भाजपा के चंदन राम दास ने चौथी बार प्रचंड वोटों से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2007 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए चंदन राम दास को भाजपा ने टिकट दिया। तब चंदन राम दास कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद टम्टा को पटकनी देकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे।
2012 के विधानसभा चुनावों में दास ने कांग्रेस के राम प्रसाद टम्टा को लगभग 9000 मतों के भारी मतों के अंतर से हराया। दास ने 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नए चेहरे बालकृष्ण को 14 हजार मतों के अंतर से पराजित किया।
2022 में चंदन ने कांग्रेस के फिर से नए चेहरे रंजीत दास को 12141 मतों के अंतर से हराया। चंदन राम दास को 32211 मत जबकि उनके निकट प्रतिद्धंदी कांग्रेस के रणजीत दास को 20017 मत प्राप्त हुए। चंदन राम दास के इसी जीत के रथ को जारी रखने के लिए भाजपा उनके परिवार से किसी सदस्य को टिकट दे सकती है। चंदन राम दास की सादगी और व्यवहार कुशल होने की वजह से वे बागेश्वर सीट पर लगातार चार बार विधायक रहे और धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनें।












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